जिला स्तरीय शिक्षक सम्मेलन आयोजित

गेजिंग : फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी (एफएलएन) पर आधारित ‘द्वितीय जिला स्तरीय शिक्षक सम्मेलन 2026’ का आयोजन आज गेजिंग के क्योंग्सा स्थित जिला भवन सम्मेलन कक्ष में सफलतापूर्वक किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), गेजिंग द्वारा किया गया।

कार्यक्रम में एससीईआरटी गंगटोक की अतिरिक्त निदेशक सुश्री छिरिंग ल्हामू भूटिया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उनके साथ शिक्षा विभाग गेजिंग के मुख्य शिक्षा अधिकारी पेमा ग्याल्छेन भूटिया तथा सोरेंग के मुख्य शिक्षा अधिकारी तेनजिंग दोर्जी भूटिया विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद थे।

इस अवसर पर शिक्षा विभाग के संयुक्त निदेशक राजेश थापा, डायट गेजिंग की प्राचार्य सुश्री परुमिता राई, एससीईआरटी के संकाय सदस्य डॉ. राजू शर्मा एवं कुलदीप शर्मा, जीजीएसएसएस क्योंग्सा की प्राचार्य सुश्री सुषमा सुब्बा, विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य, सोरेंग एवं गेजिंग जिलों के 11 बीएसी के अधिकारी, संस्थागत प्रतिनिधि तथा डायट गेजिंग के प्रशिक्षु भी उपस्थित रहे।

सम्मेलन में विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक-प्रशिक्षकों ने भाग लिया और फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी को सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक्शन रिसर्च आधारित केस स्टडी, नवाचारी शिक्षण पद्धतियां तथा विद्यालय प्रबंधन रणनीतियां प्रस्तुत कीं।

शिक्षकों ने अपने कक्षा शिक्षण अनुभवों के आधार पर तैयार की गई केस स्टडी को पावरपॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से साझा किया। प्रस्तुतियों के बाद शिक्षकों और प्रतिभागियों के बीच संवादात्मक चर्चा आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न सुझावों और अनुभवों का आदान-प्रदान हुआ। सम्मेलन के दौरान प्राथमिक शिक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। प्रस्तुतियों ने शिक्षण पद्धतियों को बेहतर बनाने और कक्षा शिक्षण को अधिक प्रभावी बनाने को लेकर सार्थक संवाद को बढ़ावा दिया।

कार्यक्रम में साधना गुरुंग द्वारा प्रस्तुत शोध-पत्रों का सारांश भी प्रस्तुत किया गया। साथ ही गेजिंग और सोरेंग जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों तथा अतिरिक्त निदेशक एससीईआरटी सुश्री छिरिंग ल्हामू भूटिया ने अपने महत्वपूर्ण सुझाव और विचार साझा किए।

सभा को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि ने आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया और शिक्षकों द्वारा प्रस्तुत नवाचारी विचारों की सराहना की। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के प्रभावी क्रियान्वयन में हुई प्रगति पर प्रकाश डालते हुए शिक्षकों की प्रतिबद्धता की प्रशंसा की। उन्होंने शिक्षा में समग्र दृष्टिकोण अपनाने पर जोर देते हुए जिले की शिक्षा व्यवस्था के व्यापक विकास के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता बताई।

इससे पूर्व डायट गेजिंग की प्राचार्य ने सम्मेलन की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह कार्यक्रम शिक्षकों को नवाचारी शिक्षण पद्धतियों को सीखने, साझा करने और चर्चा करने के लिए एक मंच प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन संस्थान और विद्यालयों के सामूहिक प्रयासों तथा उपलब्धियों का उत्सव भी है।

कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि और सहभागी शिक्षकों को उनके योगदान एवं प्रयासों के सम्मान में प्रमाण-पत्र और स्मृति चिह्न प्रदान किए गए। इसके बाद धन्यवाद ज्ञापन सीमा देवी तमांग द्वारा प्रस्तुत किया गया।

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