युवाओं का भविष्य परीक्षा माफिया और भ्रष्ट सिस्टम की भेंट चढ़ा : पप्पू यादव

'बिना राजनीतिक संरक्षण के संभव नहीं पेपर लीक'

पूर्णिया । पूर्णिया सांसद पप्पू यादव जून में शुरू होने वाले संसद सत्र में पेपर लीक के खिलाफ कठोर कानून बनाने का मुद्दा उठाएंगे। उन्होंने कहा कि देश का युवा आज सबसे ज्यादा ठगा हुआ महसूस कर रहा है। मेहनत छात्र करते हैं, लेकिन नौकरी और भविष्य पेपर लीक माफिया, भ्रष्ट सिस्टम की भेंट चढ़ रहा है। बगैर राजनीतिक संरक्षण के ये संभव नहीं। 40 से ज्यादा विधायक परीक्षा माफियाओं को बचाने में लगे है। सांसद ने ये बातें सांसद आवास अर्जुन भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कही।

पप्पू यादव ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद पेपर लीक के मामले तेजी से बढ़े हैं। अब तक देश में 123 से अधिक पेपर लीक की घटनाएं हो चुकी हैं। सबसे आगे बिहार, गुजरात और राजस्थान है। आगे उन्होंने कहा कि परीक्षा माफियाओं का नेटवर्क इतना मजबूत हो चुका है कि बिना राजनीतिक संरक्षण के इतने बड़े स्तर पर खेल संभव ही नहीं है।

सांसद ने दावा किया कि बिहार में नेता पेपर लीक गिरोह को संरक्षण दे रहे हैं। राज्य के 40 से ज्यादा विधायक ऐसे लोगों को बचाने में लगे हैं, जिनका सीधा संबंध परीक्षा माफिया से है। पप्पू यादव ने कहा कि जब तक राजनीतिक संरक्षण खत्म नहीं होगा, तब तक पेपर लीक पर रोक लगाना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि आज परीक्षा माफिया युवाओं की मेहनत और सपनों का सौदा कर रहे हैं, जबकि सरकार तमाशबीन बनी हुई है।

नीट परीक्षा का जिक्र करते हुए सांसद ने कहा कि कुछ साल पहले आयोजित परीक्षा में 73 छात्रों को 720 में 720 अंक मिले थे। उस समय भी पेपर लीक और धांधली के आरोप लगे थे, लेकिन सरकार ने परीक्षा रद्द नहीं की। अधिक अंक लाने वाले कई छात्र प्रभावशाली परिवारों और अधिकारियों से जुड़े थे। पप्पू यादव ने कहा कि इस बार भी पेपर लीक की शिकायत सामने आई, जिसके बाद सरकार को परीक्षा रद्द करनी पड़ी। आखिर हर बार छात्रों का भविष्य दांव पर लगने के बाद ही सरकार क्यों जागती है।

पूर्णिया के सांसद ने कहा कि गरीब और मध्यम वर्गीय परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए खेत बेच देते हैं, जमीन गिरवी रख देते हैं और कर्ज तक ले लेते हैं। छात्र दिन-रात मेहनत करते हैं, लेकिन परीक्षा से पहले ही अगर पेपर बिक जाए तो यह सिर्फ परीक्षा रद्द होने का मामला नहीं, बल्कि लाखों परिवारों के सपनों की हत्या है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक अब सिर्फ अपराध नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य पर सीधा हमला बन चुका है।

केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए सांसद ने कहा कि अगर सरकार पेपर लीक नहीं रोक सकती तो फिर देश में और क्या रोक पाएगी। पेपर लीक में शामिल लोगों के खिलाफ बेहद कठोर कानून बनाया जाए। ऐसे मामलों का ट्रायल तय समय सीमा में पूरा हो, दोषियों को कम से कम 10 साल की सजा मिले और गंभीर मामलों में फांसी तक का प्रावधान हो। परीक्षा आयोजन में खर्च हुए करोड़ों रुपये की भरपाई भी दोषियों से कराई जानी चाहिए। नोटबंदी, जीएसटी और अग्निवीर योजना जैसी नीतियों ने युवाओं और गरीब वर्ग को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है।

सांसद ने दावा किया कि साल 2014 के बाद देश में 2 लाख 73 हजार सरकारी स्कूल बंद हुए हैं, जिनमें सबसे अधिक 74 हजार स्कूल उत्तर प्रदेश में बंद किए गए। सरकार गरीब बच्चों को शिक्षा से दूर कर निजी शिक्षा व्यवस्था को बढ़ावा देना चाहती है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री से तत्काल इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि जब बार-बार परीक्षा प्रणाली फेल हो रही है तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। पप्पू यादव ने कहा कि देश का युवा आज बेरोजगारी, महंगाई और भ्रष्ट व्यवस्था से परेशान है, लेकिन सरकार असली मुद्दों पर जवाब देने के बजाय केवल प्रचार में व्यस्त है।

पीएम नरेंद्र मोदी के पेट्रोल-डीजल कम इस्तेमाल करने और सोना नहीं खरीदने वाले बयान पर भी सांसद ने तंज कसा। चुनाव खत्म होते ही जनता को त्याग और बचत की सीख दी जाती है, जबकि सत्ता में बैठे लोगों के पास कई-कई सरकारी गाड़ियां हैं और विदेश यात्राओं पर करोड़ों रुपs खर्च किए जा रहे हैं। पहले नेताओं और अधिकारियों के फिजूल खर्च पर रोक लगनी चाहिए, उसके बाद आम जनता को नसीहत दी जानी चाहिए। अंत में पप्पू यादव ने कहा कि देश का युवा अब जवाब चाहता है।

No Comments:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

National News

Politics