काठमांडू । नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने संसद के दोनों सदनों का सत्र बिना बुलाए ही गुरुवार को स्थगित कर दिया। पौडेल ने 21 अप्रैल को मंत्रिमंडल की सिफारिश पर 30 अप्रैल को संसद का सत्र बुलाया था। राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता रितेश कुमार शाक्य ने बताया कि नेपाल सरकार और मंत्रिमंडल की सिफारिश पर राष्ट्रपति ने प्रतिनिधि सभा और राष्ट्रीय सभा के सत्र को स्थगित करने के लिए विशेष कारणों का हवाला दिया।
संसद सत्र को आहूत किये बिना स्थगित करने के फैसले को लेकर कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। संसद के सबसे वरिष्ठ सदस्य और नेपाली कांग्रेस के नेता अर्जुन नरसिंह के.सी. ने कहा कि संसद सत्र को बुलाए बिना ही स्थगित करने का सरकार का निर्णय अभूतपूर्व और हतप्रभ करने वाला है। यह घटनाक्रम नेपाल के गृह मंत्री सुदन गुरुंग द्वारा वित्तीय लेनदेन को लेकर उत्पन्न विवाद के मद्देनजर दिये गए इस्तीफे के एक दिन बाद सामने आया है।
प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने नौ अप्रैल को सत्तारूढ़ राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) की सिफारिश पर श्रम, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा मंत्री दीप कुमार साह को उनके पद से बर्खास्त कर दिया था। उन पर अपनी पत्नी को अनुचित तरीके से लाभ पहुंचाने का आरोप था। दीप कुमार साह की शिकायत राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के अध्यक्ष रवि लामिछाने ने की थी।
बालेन शाह और उनकी पार्टी आरएसपी पिछले साल के हिंसक ‘जेन-जेड’ (1997 से 2012 के बीच जन्मे लोगों के लिए इस्तेमाल) विरोध प्रदर्शनों के बाद मार्च में पहली बार हुए आम चुनाव में पारंपरिक पार्टियों को मात देकर सत्ता पर काबिज हुई हैं। बालेन शाह इससे पहले नेपाल की राजधानी काठमांडू के मेयर थे। उन्होंने स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है और रैपर भी रहे हैं।
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