नई दिल्ली । नीट पेपर लीक मामले पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र की बीजेपी सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि 2014 में जब से मोदी सरकार आई है टोटल हमारे देश में 93 पेपर लीक हो चुके हैं। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि नेपाल और बांग्लादेश में जेन जेड ने सरकारें गिरा दीं, क्या हमारे युवा परीक्षा पत्र लीक में शामिल लोगों को जेल नहीं भेज सकते? अगर पेपर लीक रोकना है तो हमारी जेन जी को आंदोलन करना होगा।
अरविंद केजरीवाल प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में कहते हैं कि आज मैं हमारे देश के जेन जी से बात करने के लिए आया हूं। हमारे देश के युवाओं से, स्टूडेंट्स से सीधे बात करने के लिए आया हूं। आप सब लोग समझदार हैं, पढ़े-लिखे हैं। मेरी बात को बड़े ध्यान से सुनना और गौर करना। नीट का पेपर लीक हुआ है। हर बार की तरह इस बार भी जांच सीबीआई को सौंप दी गई है। हर बार की तरह इस बार भी सीबीआई ने 10-15 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
केजरीवाल ने आगे कहा कि मैं आप सब लोगों से पूछना चाहता हूं- थक नहीं गए ये सब सुन-सुन के? बड़ी घिसी-पिटी सी स्क्रिप्ट है, बड़ी घिसी-पिटी सी स्टोरी है। सीबीआई पर भरोसा बचा है क्या? सीबीआई कुछ करेगी? 2017 में पेपर लीक हुए, सीबीआई को जांच सौंप दी गई। आज तक सीबीआई ने कुछ किया? फिर 2021 में पेपर लीक हुए, सीबीआई को जांच सौंप दी गई। आज तक सीबीआई ने कुछ किया? फिर 2024 में पेपर लीक हुए, जांच सीबीआई को सौंप दी गई। सीबीआई ने कुछ किया? फिर 2026 में अब पेपर लीक हुए, जांच फिर से सीबीआई को सौंप दी गई। आपको लगता है सीबीआई कुछ करेगी इस बार भी?
आप के मुखिया और दिल्ली के पूर्व सीएम ने आगे कहा- 2024 में तो हद ही हो गई। 2024 के जो मास्टरमाइंड थे, उनको सीबीआई ने गिरफ्तार किया। कानून के मुताबिक गिरफ्तारी के 90 दिन के अंदर चार्जशीट फाइल होनी होती है, नहीं तो आदमी को ऑटोमैटिक बेल मिल जाती है। सीबीआई ने सो-कॉल्ड मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया और 90 दिन में सीबीआई ने चार्जशीट फाइल नहीं की, और उसको ऑटोमैटिक बेल मिल गई। क्यों? आपको लगता है कि सीबीआई ने इसलिए चार्जशीट फाइल नहीं की क्योंकि सीबीआई इनएफिशिएंट है? ना, सीबीआई इनएफिशिएंट नहीं है। सीबीआई में बड़े अच्छे-अच्छे अफसर हैं। क्योंकि सीबीआई उन्हीं लोगों को रिपोर्ट करती है जो इस देश में पेपर लीक करवा रहे हैं। सीबीआई किसी को सजा दिलवा ही नहीं सकती।
उन्होंने मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा- एक बारी सारे देश की भी बात करते हैं। 2014 से जब से मोदी सरकार आई है, टोटल हमारे देश में 93 पेपर लीक हुए हैं। और इनमें अधिकतर पेपर डबल इंजन-ट्रिपल इंजन की बीजेपी की, एनडीए की सरकारों में लीक हुए हैं। लगभग 6 करोड़ युवाओं का भविष्य इन 93 पेपर में बंद था। 6 करोड़ लोगों का भविष्य बर्बाद हो गया इन 93 पेपर जो लीक हुए। इनमें मोस्टली पेपर लीक हुए—राजस्थान में, उत्तर प्रदेश में, उत्तराखंड में और गुजरात में। इन चार राज्यों में सबसे ज्यादा पेपर लीक हुए और इन चारों राज्यों में बीजेपी की सरकारें हैं। तो ये इत्तेफाक नहीं है कि इन चारों राज्यों में बीजेपी की सरकार है, केंद्र में बीजेपी की सरकार है, नीट का पेपर लीक हो गया।
अरविंद केजरीवाल ने कहा, अभी पिछले एक-दो दिन से खबरें आई हैं, ये जो नीट का पेपर लीक हुआ है, इसका एपिसेंटर भी राजस्थान है। और इनमें जो दो-चार लोगों के ऊपर सुई गई है, वो भी बीजेपी के नेता दिखाई देते हैं। तो इससे शक तो पैदा होता है कि क्या इन सारे पेपर लीक में इनके नेता शामिल हैं? या इनकी पार्टियों का या सरकारों का संरक्षण है? या सीधे-सीधे इनके नेता ही पेपर लीक करवा रहे हैं, उन्हीं का धंधा है ये? और अगर ऐसा है, तो सीबीआई की जांच इसमें बेचारी क्या करेगी?
केजरीवाल ने जेनजी से कहा, तो मेरा जेन जी से सीधा-सीधा, देश के युवाओं से सीधा-सीधा पूछना है कि ऐसे ही चलेगा या कुछ करना है? ऐसे ही हर साल… आप देखो 2017 में पेपर लीक हुए, उसके 4 साल बाद 2021 में हुए, उसके 3 साल बाद 2024 में हुए, उसके 2 साल बाद 2026 में हुए, अब उसके 1 साल बाद 2027 में होंगे। और हर साल पेपर लीक होंगे अगर आपने कुछ नहीं किया तो। अगर नेपाल का और बांग्लादेश का जेन जी सड़कों पर उतर के अपने देश की सरकारों को बदल सकता है, तो हमारे देश का जेन जी पेपर लीक करने वाले मंत्रियों को जेल नहीं भेज सकता?
केजरीवाल ने आगे कहा कि भेज सकता है, मुझे अपने देश के जेन जी पर पूरा भरोसा है। यह देश आपका है। इस देश के नेताओं को इस देश में कोई इंट्रेस्ट नहीं है। इस देश के नेताओं के बच्चे विदेशों में पढ़ते हैं। हमारे देश के एक बहुत बड़े नेता ने कहा था- जरूरत पड़ी तो झोला उठा के चल दूंगा। मैं और आप तो झोला उठा के नहीं जाएंगे ना? हमारे बीवी-बच्चे तो इसी देश में रहते हैं। हम तो इसी देश की पैदाइश हैं, हम तो इसी देश की मिट्टी के हैं। हमें तो इसी देश में रहना है, तो बचाना तो इस देश को हमें और आपको ही पड़ेगा।
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