गंगटोक : नशा मुक्त अभियान, सीओटीपीए और एचआईवी-एड्स (रोकथाम व नियंत्रण) कानून पर आज यहां मत्स्य भवन में एक जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की मुख्य अधिकारी नम्रता शर्मा और सहायक निदेशक श्रीमती छिरिंग लेप्चा के नेतृत्व में एचआईवी-एड्स (रोकथाम व नियंत्रण) कानून पर एक सत्र आयोजित किया गया। इसमें वक्ताओं ने रोकथाम की रणनीतियों, कानूनी प्रावधानों और सामाजिक कलंक तथा भेदभाव को कम करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर मत्स्य सचिव श्रीमती रोशनी राई ने सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं से निपटने में जागरुकता कार्यक्रमों और विभिन्न विभागों के बीच सहयोग के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने सामाजिक पुलिसिंग के महत्व को भी रेखांकित किया और नशीले पदार्थों के दुरुपयोग तथा संबंधित सामाजिक मुद्दों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए परिवार के सदस्यों और समुदायों के बीच जागरूकता पैदा करने की आवश्यकता पर बल दिया।
इससे पहले, मत्स्य विभाग की संयुक्त निदेशक (मुख्यालय) डॉ रिंचन ओंगमू भूटिया ने अपने स्वागत भाषण में नशीले पदार्थों के दुरुपयोग, तंबाकू के उपयोग और एचआईवी-एड्स से संबंधित मुद्दों से निपटने में जागरुकता और समन्वित प्रयासों के महत्व पर जोर दिया।
वहीं, समाज कल्याण विभाग के अतिरिक्त निदेशक महेश शर्मा ने नशा मुक्त अभियान का एक अवलोकन प्रस्तुत करते हुए सिक्किम में नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के मामलों में खतरनाक वृद्धि और सामूहिक कार्रवाई की तत्काल आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
उनके साथ, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के डीएचए सह राज्य नोडल अधिकारी डॉ. टेम्पो ग्यालछेन ने तंबाकू और सिगरेट के उपयोग के हानिकारक प्रभावों, रासायनिक संरचना और मानव स्वास्थ्य पर उनके असर का विस्तार से वर्णन किया।
कार्यक्रम के बाद मत्स्य विभाग के सभी कर्मचारियों के लिए एक एकीकृत स्वास्थ्य शिविर का भी आयोजन किया गया, जहां उनकी ब्लड शुगर, एचआईवी, सिफिलिस, हेपेटाइटिस बी एवं सी तथा रक्तचाप की जांच की गई।
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