नई दिल्ली । कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही अटकलों के बीच कांग्रेस ने साफ किया है कि दिल्ली में हुई बैठक का फोकस केवल आगामी राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव था। पार्टी महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने कहा कि मुख्यमंत्री बदलने को लेकर जो चर्चाएं चल रही हैं, उनका कोई वास्तविक आधार नहीं है।
दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ हुई बैठक में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, कर्नाटक प्रभारी रणदीप सुरजेवाला और केसी वेणुगोपाल शामिल रहे।
बैठक के बाद केसी वेणुगोपाल ने कहा, पूरी चर्चा केवल कर्नाटक की आगामी राज्यसभा और परिषद चुनावों पर केंद्रित थी। जो अटकलें लगाई जा रही हैं, वे सिर्फ अटकलें हैं, उनमें कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक की राज्यसभा और परिषद सीटों के उम्मीदवारों की घोषणा अन्य राज्यों की सीटों के साथ की जाएगी।
दरअसल, 18 जून को 10 राज्यों की 24 सीटों के लिए राज्यसभा चुनाव होने है। इनमें कर्नाटक की भी चार सीटें हैं, विधायकों की संख्या के हिसाब से दो सीटें कांग्रेस आसानी से जीत सकती है और एक अन्य सीट पर भी वह कुछ विधायकों के समर्थन से जीत हासिल कर सकती है। हालांकि, बैठक के घटनाक्रम ने राजनीतिक हलकों में चर्चाओं को और हवा दे दी।
सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, केसी वेणुगोपाल और रणदीप सुरजेवाला करीब दो घंटे तक अलग बैठक में रहे, जबकि सिद्धारमैया और डी.के. शिवकुमार बाहर इंतजार करते रहे। इसके बाद सिद्धारमैया को लगभग आधे घंटे के लिए अंदर बुलाया गया।
बाद में राहुल गांधी खड़गे के कक्ष से अपने कक्ष में गए, जहां मुख्यमंत्री की उनसे अलग मुलाकात हुई। इसके बाद डी के शिवकुमार से बातचीत हुईं। इसी घटनाक्रम के बाद कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन और सत्ता साझेदारी के फार्मूले को लेकर अटकलें तेज हो गई थीं, लेकिन पार्टी नेतृत्व ने फिलहाल इन चर्चाओं को खारिज कर दिया है।
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