नई दिल्ली । लोकसभा से ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026’ पास होने के बाद गुरुवार को राज्यसभा में रखा गया। इस पर चर्चा के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि कुछ वर्षों में 152 परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं। लेकिन एक को भी सजा नहीं हुई। सरकार क्या कर रही थी। क्या एजेंसियां सो रही थीं। इसी दौरान कांग्रेस मुखिया ने ऐसी टिप्पणी कर दी जिस पर हंगामा मच गया। उन्होंने मनुस्मृति का जिक्र करते हुए कहा कि एजुकेशन सिस्टम में मनुवादी सोच हावी नजर आती है। आज एजुकेशन सिस्टम में आरएसएस के लोग ही मौजूद हैं या रखे जा रहे।
मल्लिकार्जुन खड़गे इतना कहते ही राज्यसभा में हंगामा शुरू हो गया। तुरंत ही जेपी नड्डा सामने आए उन्होंने खड़गे के कमेंट को सदन की कार्यवाही से हटाने की मांग उठाई। नड्डा के सुधांशु त्रिवेदी ने इस मुद्दे पर सरकार का पक्ष रखा और नेता प्रतिपक्ष खड़गे के कमेंट पर सवाल उठा दिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने जो भी कहा वो साबित करें। काफी देर हंगामे के बाद चर्चा फिर शुरू हुई।
इस दौरान खड़गे ने कहा कि जीडीपी का 6 पर्सेंट एजुकेशन पर खर्च करना चाहिए, लेकिन सरकार 3 फीसदी खर्च करती है। इसी का नतीजा है कि शिक्षा आज कारोबार बन चुका है, इससे गरीब के बच्चे बेहद परेशान हैं। ये उस सोच का असर जिसमें शिक्षा सबका नहीं बल्कि कुछ लोगों का अधिकार मानती है।
खड़गे ने कहा कि पेपर लीक की वजह से कितने बेगुनाह लोगों को नुकसान हुआ, कितने लोगों की पिटाई हुई, कितने माता-पिता परेशान हुए, कितनी महिलाएं और बच्चे परेशान हुए। चर्चा के लिए आए ‘पब्लिक एग्जामिनेशन अमेंडमेंट बिल 2026’ में आपने सिर्फ आंकड़े बदले हैं। इस बिल में बस आंकड़े ही बदलते रहे। इससे कुछ नहीं होने वाला। आपने ज्यादा जुर्माना, कड़ी सजा, स्पेशल टास्क फोर्स, फास्ट ट्रैक कोर्ट जैसे प्रावधान शामिल किए हैं।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। फर्क इस बात से पड़ेगा कि आप यह परीक्षा कैसे आयोजित करते हैं और बिना पेपर लीक के तैयारी कैसे करते हैं, यह उस पर निर्भर करता है, ऐसा कड़ा कानून लाने की मांग हमने 2024 में ही की थी। लेकिन तब आपने हमारी बात नहीं मानी। जो काम आप दो साल बाद कर रहे हैं, वह 2024 में ही क्यों नहीं किया?
खड़गे ने कहा कि नया बिल अभी अधूरा है। इसमें पेपर लीक रोकने के लिए कुछ नहीं किया गया है। देश सवालों के जवाब चाहता है। मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में कहा कि गृह मंत्री जवाब नहीं देते तो इस्तीफा दें। वो इस्तीफा नहीं देते तो पीएम को उन्हें हटा देना चाहिए। लाठीचार्ज का आदेश किसने दिया, आंसूगैस, पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया। प्रधान का स्वागत नाकामी का उत्सव जैसा है। कुर्सी बचाने के लिए बिल लाया गया है। प्रधान का ऐसा स्वागत किया जैसे युद्द जीता हो।
No Comments: