दार्जिलिंग : दार्जिलिंग जिले में 18 और 19 जून की रात हुई मूसलाधार बारिश के कारण कई क्षेत्रों में भूस्खलन और बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। हालात का जायजा लेने के लिए दार्जिलिंग के सांसद राजू बिष्ट ने जिला मजिस्ट्रेट और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया।
सांसद ने दूधे क्षेत्र में बालासन नदी पर स्थित राज्य राजमार्ग-12 (एसएच-12) के अस्थायी ह्यूम पाइप पुल का निरीक्षण किया, जो तेज बारिश के कारण बह गया है। यह पुल मिरिक घाटी को सिलीगुड़ी से जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है और भारत-नेपाल सीमा से सटे संवेदनशील क्षेत्र के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
राजू बिष्ट ने कहा कि इसी स्थान पर स्थित मूल पुल 5 अक्टूबर 2025 को बह गया था, जिसके बाद राज्य सरकार ने वहां अस्थायी ह्यूम पाइप पुल का निर्माण कराया था। अब मानसून की शुरुआत में ही इस अस्थायी ढांचे के बह जाने से क्षेत्र की संपर्क व्यवस्था फिर बाधित हो गई है। उन्होंने आशंका जताई कि ऐसे अस्थायी पुल हर वर्ष मानसून में नुकसान झेलते रहेंगे।
सांसद ने स्थायी समाधान की आवश्यकता पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री से सेना अथवा सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की मदद से इस स्थान पर बेली ब्रिज के निर्माण की मांग की है, ताकि जल्द से जल्द सामान्य यातायात बहाल किया जा सके। उन्होंने दार्जिलिंग पहाड़, तराई और डुआर्स क्षेत्र में त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों के लिए अतिरिक्त जेसीबी, बुलडोजर, आवश्यक कर्मियों तथा एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की तैनाती की भी मांग की है।
इस बीच जिला प्रशासन ने लोगों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारी और यात्री वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य जारी हैं।
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