गंगटोक : सिक्किम सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग अंतर्गत सिक्किम राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के बायोइन्फॉर्मेटिक्स केंद्र की ओर से शनिवार को देवराली स्थित विज्ञान भवन के सम्मेलन कक्ष में ‘रिसर्च जर्नल एक्सेस फैसिलिटी’ विषय पर एक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य के शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं एवं विद्यार्थियों के बीच वैज्ञानिक साहित्य और डिजिटल शोध संसाधनों के प्रभावी उपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
बायोइन्फॉर्मेटिक्स केंद्र वर्ष 2011 से जैव प्रौद्योगिकी विभाग के ई-लाइब्रेरी कंसोर्टियम के तहत उत्तर-पूर्व क्षेत्र परियोजना के माध्यम से नेचर, स्प्रिंगर, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस, टेलर एंड फ्रांसिस, अमेरिकन केमिकल सोसाइटी सहित विश्व के प्रतिष्ठित प्रकाशकों की समीक्षित शोध पत्रिकाओं तक निःशुल्क पहुंच उपलब्ध करा रहा है। इन संसाधनों से राज्य के वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, शिक्षकों और विद्यार्थियों को व्यापक लाभ मिल रहा है। इस पहल को और मजबूत करते हुए भारत सरकार द्वारा जनवरी 2025 में शुरू की गई वन नेशन, वन सब्सक्रिप्शन योजना के तहत उच्च गुणवत्ता वाली शोध पत्रिकाओं तक पहुंच का दायरा और विस्तृत किया गया है।
इस पहल के माध्यम से चिकित्सा विज्ञान, कृषि विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी, बायोइन्फॉर्मेटिक्स, पर्यावरण विज्ञान, जैव विविधता, जीआईएस एवं रिमोट सेंसिंग, मानविकी, सामाजिक विज्ञान सहित विभिन्न शोध क्षेत्रों की उच्च स्तरीय पत्रिकाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। कार्यक्रम में सिक्किम मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के मेडिसिन विभाग की अध्यक्ष एवं अनुसंधान निदेशालय की पूर्व निदेशक डॉ. बिदिता खंडेलवाल ने संसाधन विशेषज्ञ के रूप में भाग लिया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि उच्च गुणवत्ता वाली वैज्ञानिक शोध पत्रिकाएं अनुसंधान को आगे बढ़ाने, साक्ष्य आधारित कार्यप्रणाली को मजबूत करने और शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों से इन संसाधनों का अधिकतम उपयोग कर अपने शोध की गुणवत्ता और प्रभाव बढ़ाने का आह्वान किया।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ सोनम रिनछेन लेप्चा ने विभाग की विभिन्न अनुसंधान पहलों की जानकारी देते हुए कहा कि राज्य के अनुसंधान तंत्र को मजबूत बनाने के लिए वैज्ञानिक सहयोग, नवाचार तथा गुणवत्तापूर्ण शोध संसाधनों तक पहुंच अत्यंत आवश्यक है। तकनीकी सत्र का संचालन सिक्किम राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के सहायक वैज्ञानिक अधिकारी तथा डीईएलकॉन और ओएनओएस के नोडल अधिकारी डॉ लेदोंग लेप्चा ने किया। उन्होंने डीईएलकॉन और ओएनओएस प्लेटफॉर्म के माध्यम से शोध पत्रिकाओं तक पहुंच की प्रक्रिया का लाइव प्रदर्शन किया तथा प्रतिभागियों को शोध, साहित्य समीक्षा और अकादमिक लेखन के लिए उपलब्ध विभिन्न डिजिटल संसाधनों की विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम में हेलेन मेडिकल कॉलेज, नर बहादुर भंडारी राजकीय डिग्री कॉलेज, एसआरएम विश्वविद्यालय, सिक्किम मणिपाल विश्वविद्यालय के चिकित्सा जैव प्रौद्योगिकी विभाग तथा सिक्किम राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के शोधकर्ता, शिक्षक एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। संवाद कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध शोध पत्रिका एक्सेस प्लेटफॉर्म के प्रभावी उपयोग की व्यावहारिक जानकारी दी गई। इस अवसर पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने सिक्किम के शोध समुदाय को विश्वस्तरीय वैज्ञानिक ज्ञान तक समान और सुगम पहुंच उपलब्ध कराने तथा राज्य में सुदृढ़ अनुसंधान संस्कृति विकसित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
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