पटना । स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा है कि स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी संभालने के बाद उन्हें पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) को लेकर लगातार कई शिकायतें मिली हैं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने साफ कहा कि अस्पतालों की व्यवस्था में सुधार सरकार की प्राथमिकता है और जल्द ही वह खुद औचक निरीक्षण कर जमीनी हकीकत का जायजा लेंगे।
पीएमसीएच में पत्रकारों के साथ मारपीट की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि संविधान ने मीडिया को रिपोर्टिंग का अधिकार दिया है। पत्रकार अस्पतालों में जाकर रिपोर्टिंग कर सकते हैं और उन्हें खबरों के संकलन से नहीं रोका जा सकता। अस्पतालों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है।
जनता दरबार के दौरान निशांत कुमार ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य जिला और सदर अस्पतालों को इतना सक्षम बनाना है कि मरीजों को छोटी और सामान्य बीमारियों के इलाज के लिए पटना न आना पड़े। इसके लिए स्वास्थ्य ढांचे को लगातार मजबूत किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जिला अस्पतालों में कार्यरत डॉक्टरों और जूनियर चिकित्सकों को विशेष प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। प्रशिक्षण के माध्यम से उनकी दक्षता बढ़ाई जाएगी ताकि अधिक से अधिक चिकित्सा सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराई जा सकें।
मंत्री ने कहा कि विभाग की कोशिश है कि अधिकांश बीमारियों का इलाज जिला स्तर पर ही हो जाए। केवल ओपन हार्ट सर्जरी या अत्यधिक जटिल चिकित्सा जरूरतों वाले मामलों में ही मरीजों को पटना या बड़े चिकित्सा संस्थानों में रेफर किया जाए।
निशांत कुमार ने कहा कि उन्होंने सिविल सर्जनों और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। अब जल्द ही वह औचक निरीक्षण पर निकलेंगे और यह जांच करेंगे कि उनके निर्देशों का पालन किस स्तर तक हो रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री बुधवार को जनता दरबार में पहुंचे थे, जहां उन्होंने आम लोगों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि, स्वास्थ्य विभाग सीधे तौर पर जनता की उम्मीदों और जरूरतों से जुड़ा विभाग है। इसलिए स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और लोगों को गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम किया जा रहा है।
No Comments: