नामची : सिक्किम के समग्र और सतत विकास के उद्देश्य से गठित इंस्टीट्यूट फॉर ट्रांसफॉर्मिंग सिक्किम (आईटीएस) के उपाध्यक्ष चंद्र प्रकाश शर्मा और संस्थान के सदस्यों ने गुरुवार को नामची जिले के विभिन्न महत्वपूर्ण संस्थानों का दौरा कर उनकी कार्यप्रणाली, चुनौतियों और विकास संबंधी आवश्यकताओं की समीक्षा की।
निरीक्षण दल में आईटीएस के उपाध्यक्ष चंद्र प्रकाश शर्मा के साथ सदस्य डॉ नीरज अधिकारी और जेम्स शेयरिंग लेप्चा शामिल थे। दल ने ड्रग डी-एडिक्शन-कम-रिहैबिलिटेशन सेंटर, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) नामची तथा किचुडुमरा स्थित जैव विविधता पार्क का दौरा किया। दौरे का उद्देश्य इन संस्थानों के कार्यों का मूल्यांकन करना, जमीनी स्तर पर मौजूद चुनौतियों को समझना तथा नीतिगत हस्तक्षेप और संस्थागत सहयोग के माध्यम से उनके समाधान की संभावनाओं का पता लगाना था।
इस दौरान आईटीएस प्रतिनिधियों ने संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों, छात्रों और अन्य हितधारकों के साथ बातचीत कर प्रत्यक्ष रूप से समस्याओं और विकास संबंधी जरूरतों की जानकारी हासिल की। टीम ने संस्थानों के बुनियादी ढांचे, चल रही गतिविधियों और संचालन संबंधी मुद्दों की भी समीक्षा की। उपाध्यक्ष चंद्र प्रकाश शर्मा ने सेवा प्रदायगी को और अधिक प्रभावी बनाने तथा संस्थागत प्रदर्शन में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि विकास की योजनाओं को जमीनी जरूरतों के अनुरूप तैयार करना समय की मांग है।
आईटीएस के अनुसार यह दौरा संस्थान की उस सतत प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसके तहत विभिन्न संस्थानों और समुदायों के साथ सीधे संवाद स्थापित कर जमीनी चुनौतियों की पहचान की जा रही है। इसका उद्देश्य सिक्किम सरकार के समावेशी और सतत विकास के विजन को मजबूत आधार प्रदान करना है।
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