गंगटोक : पूर्वोत्तर में हृदय रोग की चिकित्सा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए सिक्किम और नई दिल्ली के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञों ने इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी सेवाओं में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
गंगटोक के एसटीएनएम अस्पताल के मुख्य हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ डीपी राई ने बीएलके मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के मुख्य इलेक्ट्रोफिजियोलॉजिस्ट डॉ अविनाश वर्मा के सहयोग से 24 एवं 25 अप्रैल को अस्पताल में लगातार 30 हृदय संबंधी प्रक्रियाओं को सफलतापूर्वक पूरा करके यह रिकॉर्ड बनाया है।
इन प्रक्रियाओं में इलेक्ट्रोफिजियोलॉजिकल स्टडीज (ईपीएस) और रेडियोफ्रीक्वेंसी एब्लेशन (आरएफए) शामिल थे, जिन्हें एसटीएनएम अस्पताल के एक ही ऑपरेशन थिएटर में संपन्न किया गया। बताया गया है कि सभी 30 मामले सफलतापूर्वक पूरे हुए और इनमें मरीजों की हालत स्थिर है तथा वे तेजी से ठीक हो रहे हैं।
गौरतलब है कि इस उपलब्धि को इसलिए ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि इससे पहले किसी भी केंद्र में एक सीमित समय-सीमा के भीतर एक ही ऑपरेशन थिएटर में लगातार इतनी बड़ी संख्या में ये ऑपरेशन किए जाने का कोई रिकॉर्ड नहीं है। बताया गया है कि यह उपलब्धि न केवल चिकित्सकीय विशेषज्ञता को दर्शाती है, बल्कि असाधारण तालमेल, सहनशक्ति और टीम वर्क का भी बेहतरीन उदाहरण है।
ईपीएस और आरएफए, हृदय की धड़कन से जुड़ी जटिल समस्याओं के निदान और उपचार के लिए उपयोग की जाने वाली अत्यंत विशिष्ट हृदय प्रक्रियाएं हैं। इन प्रक्रियाओं के लिए उन्नत बुनियादी ढांचे और एक अच्छी तरह से प्रशिक्षित, समर्पित टीम की आवश्यकता होती है। पूर्वोत्तर और उत्तर बंगाल के क्षेत्रों में पारंपरिक रूप से ऐसी सेवाओं की उपलब्धता सीमित रही है, जिसके कारण मरीजों को अक्सर दिल्ली जैसे महानगरों की यात्रा करनी पड़ती थी, जहां इलाज का औसत खर्च प्रति ऑपरेशन लगभग 5 लाख रुपये तक पहुंच सकता है।
उल्लेखनीय है कि पिछले छह वर्षों में डॉ डीपी राई और डॉ अविनाश वर्मा की जोड़ी ने सिक्किम के मरीजों तक इन उन्नत हृदय सेवाओं को पहुंचाने के लिए लगातार काम किया है। दोनों ने अब तक सफलतापूर्वक 200 से अधिक ऐसी प्रक्रियाएं पूरी की हैं। उनके इन प्रयासों से मरीजों पर आर्थिक बोझ काफी कम हुआ है और राज्य से स्वास्थ्य सेवा पर होने वाले खर्च का बाहर जाना भी रुका है।
इस उपलब्धि पर, डॉ राई ने एसटीएनएम अस्पताल के कैथ-लैब ऑपरेशन थिएटर के कर्मचारियों, नर्सों, मैट्रन, तकनीशियनों, ग्राउंड स्टाफ और सीसीएसडी टीम के सहयोग की सराहना की है। उन्होंने सिक्किम सरकार, मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग गोले, स्वास्थ्य मंत्री जीटी ढुंगेल और सिक्किम तथा पड़ोसी क्षेत्रों के मरीजों द्वारा उन पर जताए गए विश्वास के प्रति अपनी हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त की।
उन्होंने कहा, यह उपलब्धि स्थानीय स्तर पर उन्नत और किफायती हृदय-संबंधी देखभाल उपलब्ध कराने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। सिक्किम में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने में हमारे व्यापक योगदान का यह एक छोटा, फिर भी सार्थक हिस्सा है।
ईपीएस के अलावा, डॉ राई ने इस बात पर भी जोर दिया कि इस तरह की प्रक्रियाएं उनके समग्र नैदानिक कार्य का केवल एक छोटा सा हिस्सा है। उनके इस कार्य में हृदय-संबंधी कई जटिल उपचार, क्रिटिकल केयर प्रबंधन और पूरे भारत व विदेशों से आने वाले मरीजों के लिए परामर्श सेवाएं भी शामिल हैं।
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