गंगटोक : सिक्किम के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों में खेल प्रतिभा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्यव्यापी ग्रासरूट फुटबॉल को मजबूत करने पहल की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसी क्रम में गुरुवार को गंगटोक स्थित शिक्षा विभाग के सभागार में एक प्रारंभिक बैठक आयोजित की गई।
इस बैठक में खेल विकास बोर्ड के चेयरपर्सन रिनजिंग वांग्याल चोपेल, गंगटोक जिले से मुख्यमंत्री के एपीएस छिरिंग वांगचुक लेप्चा, छात्र कल्याण बोर्ड के प्रतिनिधि सोनम चोपेल शेरपा, कुंजांग चोकी, डॉ सावित्री मुखिया और नरेश छेत्री उपस्थित रहे। इसके अलावा देश की सर्वश्रेष्ठ ग्रासरूट फुटबॉल अकादमी का पुरस्कार प्राप्त कर चुकी खेलुम फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में हिस्सा लिया।
इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि फुटबॉल छात्रों के सर्वांगीण विकास का एक सशक्त माध्यम बन सकता है। फुटबॉल न केवल शारीरिक फिटनेस को बढ़ाता है, बल्कि विद्यार्थियों में अनुशासन, टीम भावना, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, संघर्षशीलता और स्कूल जीवन के प्रति गहरी रुचि भी विकसित करता है। इस पहल के माध्यम से छात्रों को सक्रिय, केंद्रित और लक्ष्य आधारित जीवन की ओर प्रेरित करने पर भी जोर दिया गया। बैठक में “हाई ऑन गोल्स, नॉट ऑन ड्रग्स” के संदेश को भी महत्वपूर्ण बताया गया।
सिक्किम सरकार के छात्र कल्याण बोर्ड के अनुसार, प्रस्तावित पहल को छात्र कल्याण बोर्ड, खेल विकास बोर्ड और गंगटोक जिले से मुख्यमंत्री के एपीएस कार्यालय द्वारा संयुक्त रूप से आगे बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया। इसमें छात्रों, शिक्षकों, स्कूलों, जिला प्रशासन, प्रशिक्षकों और तकनीकी सहयोगियों सहित सभी प्रमुख हितधारकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
वहीं, बैठक में तीन स्तरीय प्रतियोगिता संरचना पर भी चर्चा की गई। इसके पहले चरण में सिक्किम की सभी 34 विधानसभा क्षेत्रों में निर्वाचन क्षेत्र स्तर पर मुकाबले आयोजित किए जाएंगे, ताकि राज्य के हर क्षेत्र से प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो सके। इसके बाद विजेता टीमें जिला स्तर पर पहुंचेंगी और फिर जिला विजेताओं के बीच राज्य स्तरीय चैंपियनशिप आयोजित की जाएगी। यह टूर्नामेंट सरकारी स्कूलों के अंडर-12 वर्ग के विद्यार्थियों के लिए तैयार किया जा रहा है जिसमें लड़कियों और लडक़ों दोनों को भाग लेने का अवसर मिलेगा।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि टूर्नामेंट का उद्देश्य केवल जीत तक सीमित नहीं होगा, बल्कि विद्यार्थियों में खेल भावना, अनुशासन, टीमवर्क, आत्मविश्वास और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करना भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। व्यापक दृष्टिकोण यह है कि राज्य में ऐसा फुटबॉल इकोसिस्टम तैयार किया जाए, जहां भागीदारी को प्रोत्साहन मिले, प्रतिभाओं की पहचान हो और बच्चे खेल के माध्यम से सकारात्मक लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ें।
बताया गया कि खेलुम फाउंडेशन इस पहल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। फाउंडेशन टूर्नामेंट की रूपरेखा तैयार करने में सहयोग करेगा और राज्य के 150 कोचों को भी इस पहल से जोड़ेगा। इससे ग्रासरूट स्तर पर कोचिंग सपोर्ट, प्रतिभा की पहचान और छात्रों की भागीदारी की गुणवत्ता को मजबूती मिलने की उम्मीद है। खेलुम फाउंडेशन के फुटबॉल नेटवर्क के माध्यम से भारतीय फुटबॉल टीमों और क्लबों के स्काउट्स को भी जोड़ने का प्रयास किया जाएगा, ताकि सिक्किम के युवा खिलाडि़यों को अधिक पहचान और अवसर मिल सके।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि आगामी बैठकों में पात्रता मानदंड, आयु वर्ग, कार्यक्रम की समय-सारिणी, मैदानों की उपलब्धता, रेफरी व्यवस्था, बजट, सुरक्षा उपाय, कोचिंग सपोर्ट, प्रतिभा चयन और दीर्घकालिक स्थिरता जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इसके अगले चरण के तहत छात्र कल्याण बोर्ड, खेल विकास बोर्ड और गंगटोक जिले से मुख्यमंत्री के एपीएस कार्यालय आगे की कार्रवाई का समन्वय करेगा। खेलुम फाउंडेशन सरकारी जूनियर हाई स्कूलों को ध्यान में रखते हुए टूर्नामेंट की प्रारूप रूपरेखा तैयार करेगा, जिसे 25 जून 2026 को होने वाली अगली बैठक से पहले साझा किया जाएगा।
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