गंगटोक : ‘कार्यस्थल सुरक्षा हस्तक्षेप’ पर सिक्किम इंस्पायर्स के तहत हितधारकों के साथ मिलकर महिला, बाल, वरिष्ठजन एवं दिव्यांग कल्याण विभाग द्वारा आज यहां एक परामर्श कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यशाला में विभिन्न विभागों के हितधारकों और अधिकारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
महिला, बाल, वरिष्ठजन एवं दिव्यांग कल्याण विभाग की विशेष सचिव वंदना राई के स्वागत भाषण से शुरू हुए कार्यक्रम में मार्था फैरेल फाउंडेशन की निदेशक नंदिता प्रधान भट्ट ने अपने परामर्श सत्र में, कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए क्षेत्र-विशिष्ट मॉड्यूल विकसित करने पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने सभी क्षेत्रों में सुरक्षित तथा समावेशी कार्य वातावरण बनाने के महत्व पर जोर दिया।
भट्ट ने लिंग-आधारित हिंसा और यौन उत्पीड़न जैसी प्रमुख चिंताओं को उजागर करते हुए बताया कि इनका व्यक्तियों के साथ-साथ पूरे कार्यस्थल के वातावरण पर क्या प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कार्यस्थल सुरक्षा के एक सामूहिक जिम्मेदारी होने की बात पर जोर देते हुए कार्यस्थल पर उचित व्यवहार बनाए रखने में कर्मचारियों की भूमिका को भी रेखांकित किया।
वहीं, चर्चा से यह बात सामने आई कि ‘सुरक्षित कार्यस्थल’ की अवधारणा पुलिसिंग, कौशल विकास और उद्यमिता जैसे विभिन्न क्षेत्रों में किस प्रकार अलग-अलग होती है। इसके अलावा, भट्ट ने आगे दो-स्तरीय प्रशिक्षण रणनीति की रूपरेखा भी प्रस्तुत की, जिसमें कार्यस्थल सुरक्षा और व्यवहार पर बुनियादी जानकारी प्रदान करने वाले प्रशिक्षकों और मास्टर प्रशिक्षकों को शामिल किया गया है। ये उन्नत क्षमता-निर्माण, सामग्री विकास और अतिरिक्त प्रशिक्षकों को प्रशिक्षित करने के लिए तैयार किए जाएंगे।
साथ ही, भट्ट ने इस बात पर जोर दिया कि सभी विभागों को इस पहल की जिम्मेदारी लेनी चाहिए, जिसमें महिला एवं बाल विकास विभाग आवश्यक सहयोग प्रदान करेगा। कार्यक्रम में, प्रतिभागियों को सुझाव और प्रतिक्रिया साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
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