नशे के खिलाफ पाकिम प्रशासन की बहुआयामी रणनीति

जिला कलेक्टर परी बिश्नोई ने विभागों के बीच समन्वय और सूचना तंत्र मजबूत करने पर जोर

पाकिम : जिले में मादक पदार्थों के बढ़ते खतरे पर प्रभावी अंकुश लगाने, नशे की रोकथाम, पुनर्वास और नशामुक्त व्यक्तियों के सामाजिक पुनर्समावेशन को मजबूत करने के उद्देश्य से शुक्रवार को पाकिम जिला प्रशासनिक केंद्र में नारको कोऑर्डिनेशन सेंटर (एनकॉर्ड) और नशा मुक्त भारत अभियान की मासिक जिला स्तरीय बैठक के साथ राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जिला स्तरीय परामर्श समिति की पहली बैठक भी आयोजित की गई। दोनों बैठकों की संयुक्त अध्यक्षता जिला कलेक्टर परी बिश्नोई और अतिरिक्त जिला कलेक्टर पुलकित ने की।

बैठक में जिले में मादक पदार्थों की आपूर्ति और मांग, दोनों पर अंकुश लगाने के लिए बहुआयामी रणनीति तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने माना कि नशे की समस्या केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका मानसिक स्वास्थ्य से भी गहरा संबंध है। इसलिए रोकथाम के साथ-साथ परामर्श, उपचार और पुनर्वास को भी समान प्राथमिकता देने की आवश्यकता है।

बैठक की अध्यक्षता कर रहे अधिकारियों ने विभिन्न विभागों की ओर से मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध आपूर्ति रोकने के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की। इस दौरान विभागवार प्रवर्तन कार्रवाई, दर्ज मामलों, खुफिया सूचनाओं के संग्रह, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान और अन्य निवारक उपायों की जानकारी मांगी गई।

बैठक में विभागों के बीच सूचनाओं के प्रभावी आदान-प्रदान की व्यवस्था मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। साथ ही नशे की समस्या से प्रभावित व्यक्तियों और उनके परिवारों के सामने आने वाली चुनौतियों पर ध्यान दिया गया। विशेष रूप से यह चिंता व्यक्त की गई कि सामाजिक संकोच और अन्य आशंकाओं के कारण कई परिवार नशे से संबंधित मामलों की जानकारी देने या सहायता मांगने से हिचकिचाते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए सुलभ एवं भरोसेमंद शिकायत और सूचना तंत्र विकसित करने तथा सामुदायिक पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर बल दिया गया।

बैठक में नशामुक्ति केंद्रों और पुनर्वास सुविधाओं के संचालन को निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप व्यवस्थित बनाने, प्रभावित व्यक्तियों को मानसिक स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराने और उनके पुनर्वास की प्रक्रिया को मजबूत करने पर भी विचार-विमर्श हुआ। इसमें, नशे की लत से उबर रहे व्यक्तियों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के लिए कौशल विकास एवं आजीविका आधारित गतिविधियों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया।

बैठक में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत जनजागरुकता और संवेदनशीलता कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए नए तरीकों को अपनाने पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया के माध्यम से विशेषकर युवाओं तक पहुंच बनाने की आवश्यकता रेखांकित की। इसके लिए लघु वीडियो, सोशल मीडिया सामग्री और अन्य लोकप्रिय डिजिटल माध्यमों के उपयोग का सुझाव दिया गया। युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने के लिए खेलकूद, रचनात्मक कार्यक्रमों और सामुदायिक पहलों को प्रोत्साहित करने पर भी विचार किया गया, ताकि वे अपनी ऊर्जा और प्रतिभा का रचनात्मक उपयोग कर सकें।

बैठक में प्रस्तावित ‘भरोसा’ पहल पर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। इसके तहत प्रत्येक वार्ड में एक पुरुष सरकारी कर्मचारी की पहचान कर उसे पुरुषों के लिए निर्धारित संपर्क व्यक्ति एवं परामर्शदाता के रूप में नामित करने का प्रस्ताव रखा गया। इसका उद्देश्य ऐसे पुरुषों को मार्गदर्शन और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराना है, जिन्हें व्यक्तिगत, मानसिक या सामाजिक समस्याओं के कारण सहायता की आवश्यकता है।

एनकॉर्ड और एनएमबीए की बैठक के बाद आयोजित राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जिला स्तरीय परामर्श समिति की पहली बैठक में जिले में तंबाकू नियंत्रण संबंधी प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन और विभागों के बीच समन्वय मजबूत करने पर चर्चा हुई।

इस दौरान पाकिम के मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने तंबाकू सेवन को नशीले पदार्थों की ओर बढ़ने का एक संभावित शुरुआती जोखिम बताते हुए युवाओं में समय रहते जागरूकता, रोकथाम और हस्तक्षेप की आवश्यकता पर जोर दिया।

स्वास्थ्य विभाग ने सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम तथा ‘टोबैको फ्री यूथ कैंपेन’ के तहत जिले में अब तक संचालित गतिविधियों की जानकारी प्रस्तुत की। इसमें जागरूकता एवं संवेदनशीलता कार्यक्रमों, प्रवर्तन अभियानों और निगरानी संबंधी कार्रवाइयों का विवरण दिया गया। समिति ने विभिन्न सरकारी विभागों और गैर-सरकारी संगठनों की भागीदारी से तंबाकू नियंत्रण अभियान को अधिक प्रभावी बनाने पर विचार किया। इसके साथ ही तंबाकू मॉनिटरिंग क्लबों के नियमित संचालन और समुदाय स्तर पर निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया गया।

बैठक के समापन पर ‘टोबैको फ्री यूथ कैंपेन 4.0’ के तहत उपस्थित अधिकारियों एवं प्रतिभागियों को तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण की सामूहिक प्रतिबद्धता की शपथ दिलाई गई। बैठक में पाकिम एसडीएम, सीएमओ, एसडीपीओ/डीएसपी, एआरटीओ, एसएसबी के सहायक कमांडेंट, सहायक वन संरक्षक, बाल संरक्षण अधिकारी, महिला, बाल एवं सामाजिक कल्याण विभाग, समाज कल्याण विभाग के कल्याण एवं अन्य विभागों के अधिकारी, रंगपो एसडीएम कार्यालय, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं अन्य ने भी भाग लिया।

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