यूएन में शहबाज शरीफ का कश्मीर राग, कहा- सिंधु जल संधि से छेड़छाड़ दक्षिण एशिया में बढ़ा सकती है तनाव

न्यूयॉर्क । पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया है। इस दौरान उन्होंने कई मुद्दों को छूने की कोशिश की लेकिन खासतौर से कश्मीर, सिंधु जल संधि, ईरान युद्ध और फिलीस्तीन पर बात की है। कश्मीर और सिंधु जल संधि को पाकिस्तान की ओर से लगातार उठाया जाता रहा है। इस दफा भी ऐसा हुआ है। भारत और पाकिस्तान के बीच नदियों के पानी का बंटवारा करने वाली सिंधु संधि को दिल्ली ने बीते साल पहलगाम आतंकी हमले के बाद निलंबित कर दिया था।

शरीफ ने बीते साल हुए भारत-पाकिस्तान के संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि यह दिल्ली के आक्रामक रवैये की वजह से हुआ। शरीफ ने इस दौरान डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी वजह से एक बड़ा नुकसान टल गया। कश्मीर पर उन्होंने कहा कि भारत की ओर से कश्मीर में ज्यादती हो रही है और मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा है। ऐसे में यूएन के तय नियमों से इस मुद्दे को हल किया जाए।

पाकिस्तानी पीएम ने सिंधु जल संधि पर बोलते हुए कहा कि ये मुद्दा साउथ एशिया में बड़े तनाव का सबब बन सकता है। भारत की ओर से पाकिस्तान का पानी रोकने की कोशिश सही नहीं है। अगर भारत की ओर से पाकिस्तान का पानी रोका जाता है तो पाकिस्तान इसे एक्ट ऑफ (युद्ध की कार्रवाई) मानते हुए जवाबी कार्रवाई करेगा।

शहबाज शरीफ ने अपने भाषण में अफगानिस्तान में ऐसे गुटों को पनाह मिलने की बात कही, जिनको भारत से मदद मिल रही है। उन्होंने दावा किया कि भारत से फंड पा रहे ग्रुप अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल कर पाकिस्तान में खून बहा रहे हैं। पाकिस्तानी पीएम ने सहारनपुर में हाल ही में मस्जिद गिराए जाने का जिक्र भी यूएनजीए के मंच पर किया है।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने 81वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा में बोलते हुए कहा कि ईरान और अमेरिका को मेज पर लाकर पाकिस्तान ने शांति के लिए काम किया। शहबाज शरीफ ने अपने भाषण में कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच इस साल फरवरी में शुरू हुए युद्ध को रोकने के लिए पाकिस्तान की ओर से हर संभव कोशिश हुई।

शरीफ ने हूतियों के सऊदी अरब पर हमलों की भी आलोचना की और कहा कि मक्का जैसे पवित्र शहर पर हमले को दुनिया का कोई भी मुस्लिम बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि हूतियों ने जो किया, उसकी पाकिस्तान निंदा करता है। उन्होंने तुर्की और सऊदी के साथ हुए मक्का समझौते का जिक्र भी इस दौरान किया।

संयुक्त राष्ट्र महासभा का 81वां सत्र (यूएनजीए81) इस महीने की 8 तारीख से न्यूयॉर्क में चल रहा है। इसका उच्च स्तरीय सप्ताह 22 सितंबर से शुरू हुआ है, जो 29 सितंबर तक जारी रहेगा। दुनिया के कई बड़े नेताओं ने बीते दो दिनों में इस महत्वपूर्ण मंच से अपनी बात रखी है। इनमें ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू भी शामिल हैं।

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