सिक्किम में एसआईआर प्रक्रिया तेज, फॉर्म वितरण 100% पूरा

केवल फॉर्म प्राप्त करना पर्याप्त नहीं, 28 जून तक जमा करना अनिवार्य : राज यादव

गंगटोक : सिक्किम के मुख्य निर्वाचन अधिकारी राज यादव ने आज गंगटोक स्थित मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में प्रेस वार्ता कर राज्य में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रगति की समीक्षा की। साथ ही, यादव ने पात्र मतदाताओं से निर्धारित समय सीमा के भीतर निर्वाचन फॉर्म जमा करने की अपील की।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि एसआईआर प्रक्रिया के दो प्रमुख चरण हैं-निर्वाचन फॉर्म का वितरण और उनका डिजिटलीकरण। राज्यभर में निर्वाचन फॉर्म वितरण का कार्य शत-प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल फॉर्म प्राप्त कर लेना ड्राफ्ट मतदाता सूची में नाम शामिल होने की गारंटी नहीं है। मतदाताओं को फॉर्म भरकर 28 जून 2026 तक अपने संबंधित बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) के पास जमा करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि 28 जून की निर्धारित समय सीमा के बाद कोई भी फॉर्म स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जो मतदाता समय पर फॉर्म जमा नहीं करेंगे, उनका नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं किया जाएगा।

सीईओ ने बताया कि फॉर्म जमा होने के बाद बीएलओ ऐप के माध्यम से उसकी प्राप्ति दर्ज की जाएगी। इसके बाद फॉर्म का डिजिटलीकरण और आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। उन्होंने सभी मतदाताओं से चुनावी तंत्र के साथ सहयोग करने और समय पर प्रक्रिया पूरी करने का आग्रह किया।

वहीं, कुछ मतदाताओं द्वारा बीएलओ के घर नहीं पहुंचने की शिकायतों पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि बीएलओ केवल अपने निर्धारित मतदान क्षेत्र और मतदाता सूची में दर्ज पते पर ही जा सकते हैं। यदि किसी मतदाता का वर्तमान निवास स्थान मतदाता सूची में दर्ज पते से अलग है, तो ऐसे मतदाता की जिम्मेदारी है कि वह अपने पंजीकृत निर्वाचन क्षेत्र के संबंधित बीएलओ से संपर्क कर फॉर्म जमा करे। उन्होंने अस्थायी रूप से रहने वाली आबादी से भी अपने पंजीकृत क्षेत्र के बीएलओ से संपर्क करने की अपील की।

साथ ही, मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने डिजिटलीकरण की धीमी गति पर चिंता व्यक्त की। जिला स्तर पर मंगन में 48 प्रतिशत, गंगटोक में 38 प्रतिशत, नामची में 37 प्रतिशत, गेजिंग में 35 प्रतिशत, सोरेंग में 34 प्रतिशत और पाकिम में 31 प्रतिशत डिजिटलीकरण हुआ है। पाकिम जिले का प्रदर्शन सबसे कम रहा है। ऐसे में, उन्होंने संबंधित अधिकारियों और हितधारकों से कार्य में तेजी लाने को कहा। उन्होंने बताया कि 13 विधानसभा क्षेत्रों में डिजिटलीकरण 30 प्रतिशत से कम है। इनमें खामदोंग-सिंगताम, सालघरी-जूम, यांगथांग, गंगटोक, नामथांग-रातेपानी, आरिथांग, पश्चिम पेंडम, ग्नाथांग-माचोंग, रेनॉक, पोकलोक-कामरांग, योक्‍सम-ताशीडिंग, नामची-सिंगिथांग और सोरेंग-च्‍याखुंग शामिल हैं। इनमें खामदोंग-सिंगताम सबसे पीछे है। इस पर, उपायुक्तों और चुनाव अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर इन क्षेत्रों में 20 जून तक कम से कम 50 प्रतिशत डिजिटलीकरण सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।

यादव ने बीएलओ, ईआरओ और एईआरओ को प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश देते हुए कहा कि इन क्षेत्रों की प्रगति पर विशेष नजर रखी जाएगी। उन्होंने 50 प्रतिशत से अधिक डिजिटलीकरण पूरा करने वाले विधानसभा क्षेत्रों को बधाई दी। रांगांग-यांगांग सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला क्षेत्र रहा। इसके बाद मानेबोंग-देंताम, लाचेन-मंगन, मार्तम-रुमटेक और रिनचेनपोंग का स्थान रहा। साथ ही, उन्होंने चार बीएलओ की भी सराहना की, जिन्होंने अपने-अपने मतदान क्षेत्रों में फॉर्म वितरण और डिजिटलीकरण दोनों कार्य सफलतापूर्वक पूरे किए हैं।

इसके अलावा, कुछ बीएलओ के मतदाताओं से संपर्क नहीं करने या जवाब नहीं देने की शिकायतें पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि ऐसी शिकायतों के समाधान के लिए सभी ईआरओ और एईआरओ के संपर्क विवरण आम जनता के लिए उपलब्ध कराए जा रहे हैं। ये विवरण सिक्किम सरकार के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से साझा किए जाएंगे, ताकि मतदाताओं को सहायता मिल सके और शिकायतों का समय पर निवारण हो सके। अंत में सीईओ ने राजनीतिक दलों, चुनाव अधिकारियों और आम जनता से एसआईआर प्रक्रिया को समय पर पूरा करने में पूर्ण सहयोग की अपील की।

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