ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शिक्षा, पर्यटन और खेल परियोजनाओं का किया निरीक्षण

सिक्किम की पर्यावरणीय पहचान के अनुरूप हो विश्वविद्यालय परिसर: सिंधिया

गंगटोक : केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने सिक्किम दौरे के दूसरे दिन नामची जिले में शिक्षा, पर्यटन, चाय उद्योग और खेल विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने छात्रों, स्थानीय लोगों, चाय बागान कर्मियों और युवा खिलाड़ियों से संवाद करते हुए पूर्वोत्तर क्षेत्र में आधारभूत ढांचे, रोजगार और युवाओं के अवसरों को मजबूत करने के केंद्र सरकार के संकल्प को दोहराया।

अपने दौरे की शुरुआत में केंद्रीय मंत्री ने नामची के तारकू स्थित निर्माणाधीन कंचनजंगा सिक्किम स्टेट यूनिवर्सिटी का निरीक्षण किया। यह सिक्किम का पहला राज्य विश्वविद्यालय है, जिसे 28 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है। विश्वविद्यालय परियोजना को पूर्वोत्तर परिषद (एनईसी) और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (डोनर) की ओर से 9.61 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई है।

निरीक्षण के दौरान मंत्री ने प्रशासनिक भवन और परिसर निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। परिसर के प्राकृतिक परिवेश और पैदल मार्गों को देखते हुए उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में अधिक हरियाली और प्राकृतिक तत्वों को शामिल करने का सुझाव दिया, ताकि इसका स्वरूप सिक्किम की पर्यावरणीय पहचान के अनुरूप बन सके। उन्होंने निर्माण कार्य में जुटी इंजीनियरिंग और कार्यान्वयन टीम की सराहना भी की।

इसके बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने नामची स्थित प्रसिद्ध तिमी टी एस्टेट और टी प्रोसेसिंग यूनिट का दौरा किया। यहां उन्होंने चाय उत्पादन, प्रसंस्करण और पैकेजिंग की विभिन्न प्रक्रियाओं का अवलोकन किया और अधिकारियों से अंतरराष्ट्रीय बाजार तथा निर्यात संभावनाओं पर चर्चा की।


अधिकारियों ने मंत्री को जानकारी दी कि तिमी टी एस्टेट अब एलपीजी आधारित उत्पादन प्रणाली की ओर बढ़ रहा है, जिससे कोयले के उपयोग और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। इस दौरान तिमी टी को जीआई टैग दिलाने का सुझाव भी रखा गया। मंत्री ने चाय बागान में महिला श्रमिकों और कर्मचारियों से नेपाली भाषा में आत्मीय बातचीत की और उनकी मेहनत की सराहना की। उन्होंने स्वयं पारंपरिक बांस की टोकरी पहनकर चाय की पत्तियां भी तोड़ीं।

दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री Jyotiraditya Scindia ने चेमचे स्थित इंडियन हिमालयन सेंटर फॉर एडवेंचर एंड इको टूरिज्म (आईएचसीएई) का भी दौरा किया। यहां उन्होंने प्रस्तावित नामची-टेमी-रवंगला पर्यटन सर्किट की समीक्षा की, जिसे सिक्किम सरकार और डोनर मंत्रालय के सहयोग से विकसित किया जा रहा है।

मंत्री ने रॉक क्लाइम्बिंग, आइस क्लाइम्बिंग, साइक्लिंग ट्रैक, ट्रेकिंग, स्कीइंग, पर्वतारोहण और इको-टूरिज्म गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने सुझाव दिया कि सभी आयु वर्ग के पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए और अधिक मनोरंजक गतिविधियां शुरू की जानी चाहिए।

बैठक में चारधाम कॉरिडोर समेत धार्मिक और पर्यटन मार्गों से जुड़ी आधारभूत सुविधाओं पर भी चर्चा हुई। दिन के अंतिम चरण में केंद्रीय मंत्री ने नामची के भाईचुंग स्टेडियम में आयोजित सिक्किम प्रीमियर लीग के चौथे संस्करण के सेमीफाइनल मुकाबले में हिस्सा लिया। इस दौरान स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक नेपाली मारुनी नृत्य ने कार्यक्रम को सांस्कृतिक रंग प्रदान किया।

खिलाड़ियों और दर्शकों को संबोधित करते हुए सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूर्वोत्तर भारत को देश का प्रमुख खेल केंद्र बनाने के विजन पर काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि डोनर मंत्रालय के नेतृत्व में जमीनी स्तर पर प्रतिभा खोज, वैज्ञानिक प्रशिक्षण और खेल विज्ञान के समावेश पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

उन्होंने ‘वन स्पोर्ट, वन स्टेट’ मॉडल और खेल विकास के 60:40 फॉर्मूले का उल्लेख करते हुए कहा कि खेल अधोसंरचना के साथ-साथ कोचिंग, तकनीक और प्रतिभा संवर्धन पर भी बराबर फोकस किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री ने सिक्किम प्रीमियर लीग को राज्य के युवा फुटबॉल खिलाड़ियों के लिए बड़ा मंच बताते हुए इसकी सराहना की।

दौरे के दौरान ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 3.2 किलोमीटर लंबे भुलेढुंगा रोपवे की यात्रा भी की और पीएम-डिवाइन योजना के तहत लगभग 220 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे भुलेयधुंगा स्काईवॉक परियोजना की प्रगति का निरीक्षण किया। करीब 3,200 फीट की ऊंचाई पर प्रस्तावित 240 मीटर लंबा गोलाकार कांच का स्काईवॉक पूरा होने के बाद दुनिया का सबसे ऊंचा स्काईवॉक बनने की संभावना है। सरकार का मानना है कि इससे सिक्किम में साहसिक पर्यटन और पर्यटन अधोसंरचना को नई पहचान मिलेगी।

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