चेन्नई । चेन्नई में राजनीतिक माहौल उस समय गर्म हो गया जब तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने राज्य के कर्ज को लेकर बयान दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि तमिलनाडु का कर्ज अनुमेय सीमा के भीतर बना हुआ है। यह बयान ऐसे समय आया है जब नए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने आरोप लगाया था कि पिछली सरकार ने राज्य पर 10 लाख करोड़ रुपये का भारी कर्ज छोड़ दिया और खजाना खाली कर दिया।
स्टालिन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि सरकार के पास संसाधनों की कमी नहीं है, बल्कि उन्हें जनता तक पहुंचाने की क्षमता और इच्छाशक्ति की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि फरवरी के बजट में राज्य की वित्तीय स्थिति को पहले ही स्पष्ट किया जा चुका था। उन्होंने विजय के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बिना पूरी जानकारी के यह कहना सही नहीं है कि सरकार के पास पैसे नहीं हैं।
स्टालिन ने कहा कि जनता को गुमराह करने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार चलाने की वास्तविक चुनौतियों को समझना जरूरी है और नए नेतृत्व को समय के साथ अनुभव मिलेगा। स्टालिन ने कहा कि जिन वादों को जनता से किया गया है, उनकी वास्तविकता और प्रशासनिक चुनौतियों को समय के साथ समझा जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि नए नेतृत्व को शासन के अनुभव के साथ इन पहलुओं का अहसास होगा।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच स्टालिन ने विजय को मुख्यमंत्री बनने पर बधाई भी दी। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के विकास यात्रा में निरंतरता बनी रहनी चाहिए और उन्हें उम्मीद है कि नया नेतृत्व राज्य के हित में काम करेगा।
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