कोलकाता । कोलकाता की राजनीति में एक बार फिर सियासी पारा चढ़ गया है। निलंबित टीएमसी नेता रिजु दत्ता के बयान के बाद भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिससे सत्ता और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने सुवेंदु अधिकारी को नेचुरल लीडर बताते हुए कहा कि उन्होंने ममता बनर्जी को दो बार चुनावी मुकाबले में मात दी है। इस बयान ने बंगाल की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।
समिक भट्टाचार्य ने यह भी दावा किया कि टीएमसी के कई नेता पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि फोन कॉल्स की लंबी कतार लगी है, लेकिन पार्टी फिलहाल किसी को भी शामिल नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि आप सोच भी नहीं सकते कि कितने फोन कॉल्स आ रहे हैं और कितनी लंबी लाइन लगी होगी। लेकिन हम अभी किसी को नहीं ले रहे हैं। हमारे पास एक फिल्टर सिस्टम भी है।
भाजपा नेता ने कहा कि उनकी पार्टी को लेकर पहले भी कई टिप्पणियां की गई हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि पार्टी एक सख्त प्रक्रिया और संगठन के आधार पर चलती है। उन्होंने कहा, हमारी पार्टी के बारे में बहुत कुछ कहा गया है। हमारी पार्टी को वॉशिंग मशीन कहा गया… बीजेपी ‘मां गंगा’ है। लेकिन हमारे पास घाटों पर लोग तैनात हैं, जो चुनते हैं कि किसे डुबकी लगाने देना है… अभी, किसी भी टीएमसी लीडर के लिए दरवाजा बंद है।
प्रदेश अध्यक्ष ने टीएमसी सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए राज्य में लोकतंत्र की बहाली को अपनी पहली प्राथमिकता बताया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की जो कल्याणकारी योजनाएं गरीबों तक पहुंचनी चाहिए थीं, वे टीएमसी की विभाजनकारी राजनीति के कारण पूरी तरह लागू नहीं हो पाईं। उनका कहना है कि पार्टी का लक्ष्य पश्चिम बंगाल को एक निवेश-हितैषी राज्य बनाना है।
Samik Bhattacharya ने कहा कि राज्य में प्रशासन का राजनीतिकरण हो गया है, जिसे सुधारने की जरूरत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंचायत, पुलिस और अन्य संस्थाओं को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में स्वतंत्र रूप से काम करना चाहिए। उनके अनुसार “जहां राजनीति हर व्यवस्था में घुल जाती है, वहां विकास रुक जाता है।” उन्होंने दावा किया कि भाजपा शासित राज्यों में ऐसी स्थिति नहीं रहती।
ममता बनर्जी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा अध्यक्ष ने उन पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि टीएमसी ने पहले भी विवादित संगठनों और तत्वों के साथ राजनीतिक समझौते किए हैं, जिससे देश की आंतरिक सुरक्षा प्रभावित हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में अवैध तत्वों और घुसपैठ को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है, और इसके लिए टीएमसी सरकार जिम्मेदार है।
भाजपा नेता ने यह भी कहा कि टीएमसी की राजनीतिक स्थिति कमजोर हो रही है और आने वाले समय में राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। वहीं, उन्होंने यह भी दावा किया कि कानून-व्यवस्था को लेकर पार्टी की ओर से लगातार प्रशासन को सूचित किया जा रहा है और सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।
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