सहकारी समितियों के प्रबंधकों व सचिवों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

गंगटोक : गंगटोक जिले के पैक्‍स, मिल्क पीसीएस, एसीआई प्रबंधकों व सचिवों और सहकारी निरीक्षकों के लिए कर अनुपालन, स्टॉक टेकिंग और नकद व आरडी विवरण पर सिक्किम राज्य सहकारी संघ (एसआईसीयूएन) द्वारा आज यहां एक व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

जिला सहकारिता विभाग के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में उद्घाटन अवसर पर संघ के अध्यक्ष डॉ मंगल जीत राई मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उनके साथ, जिले के अतिरिक्त सहकारिता रजिस्ट्रार बीपीएच सुब्बा, संघ के सीईओ फाडुंग भूटिया, एआरसीएस रिवाज सिंटुरी, जिला सहकारिता विभाग की लेखा परीक्षा अधिकारी श्रीमती द्रोपदा भट्टाराई, जेसीटीसी प्राचार्य श्रीमती दावाला भूटिया एवं अन्य ने भी कार्यक्रम में शिरकत की।

इस अवसर पर अपने उद्घाटन भाषण में डॉ राई ने सहकारी संस्थाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और पेशेवर प्रबंधन की आवश्यकता पर जोर देते हुए इस बात पर प्रकाश डाला कि आईटी एवं जीएसटी अनुपालन संस्था की निरंतरता के लिए अनिवार्य हैं। उन्होंने डिजिटल प्रणालियों और ई-फाइलिंग की बढ़ती भूमिका को भी रेखांकित करते हुए अनुपालन सुनिश्चित करने में सहकारी निरीक्षकों की भूमिका की सराहना की और प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे प्राप्त ज्ञान का उपयोग करके मजबूत और आत्मनिर्भर सहकारी संस्थाओं का निर्माण करें।

वहीं, डॉ राई ने अपने मासिक कैलेंडर कार्यक्रम के एक भाग के रूप में, निरंतर क्षमता-निर्माण पहलों के माध्यम से सहकारी क्षेत्र को सुदृढ़ करने की संघ की प्रतिबद्धता को भी दोहराया। उन्होंने यह भी कहा कि कैलेंडर कार्यक्रम के अनुसार अन्य जिलों में भी इसी तरह के प्रशिक्षण आयोजित किए जाएंगे।

इसके अलावा, अतिरिक्त सहकारिता रजिस्ट्रार बीपीएच सुब्बा ने आग्रह किया कि वे प्रशिक्षण मॉड्यूल का ध्यानपूर्वक पालन करें और अपनी-अपनी सहकारी समितियों में अनुपालन सुनिश्चित करें। उनके साथ, संयुक्त जीएसटी निदेशक विकास दियाली, सहायक वाणिज्यिक कर आयुक्त कमल न्‍योपाने, सीए मानव और सहकारिता विभाग की लेखा परीक्षा अधिकारी श्रीमती द्रोपदा भट्टाराई ने सहकारी समितियों के लिए आयकर ढांचे पर विस्तृत सत्र आयोजित किए। इन सत्रों में कानूनी स्थिति, कर दरें, आय का वर्गीकरण और अनुपालन आवश्यकताओं के साथ-साथ आईटी फाइल करने की प्रक्रियाओं, आईटीआर-5 के उपयोग, खातों की पुस्तकों के रखरखाव और वित्तीय विवरण तैयार करने पर व्यावहारिक मार्गदर्शन भी शामिल था।

इन सत्रों में जीएसटी अनुपालन को भी शामिल किया गया, जिसमें पंजीकरण, जीएसटीआर-1, जीएसटीआर-3बी और जीएसटीआर-9 जैसे रिटर्न फाइल करना, इनपुट टैक्स क्रेडिट की शर्तें, टीडीएस संबंधी जिम्मेदारियां, वित्तीय लेनदेन के नियम, नकद सीमाएं और अनुपालन न करने पर लगने वाले जुर्माने शामिल थे। बैठक में, पारदर्शिता और लेखा परीक्षा की तैयारी सुनिश्चित करने के लिए सटीक बहीखाता पद्धति पर विशेष जोर दिया गया। इसमें कैश बुक, लेजर, स्टॉक रजिस्टर, प्राप्तियों और भुगतानों के विवरण और बैंक समाधान शामिल थे। साथ ही, अनुपालन की निगरानी में सहकारी निरीक्षकों की भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया।

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