आपदा प्रबंधन अधिकारियों के लिए AI के उपयोग पर प्रशिक्षण आयोजित

पाकिम : पाकिम जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा आपदा प्रबंधन अधिकारियों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग पर आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम का आज समापन हो गया। स्थानीय सेंट जेवियर्स स्कूल में आयोजित समापन समारोह में राज्य राहत आयुक्त रिनजिंग छेवांग भूटिया, पाकिम जिला कलेक्टर रोहन अगवाने, एसएसडीएमए निदेशक प्रभाकर राई, एसएसडीएमए निदेशक राजीव रोका और एडीसी पुलकित उपस्थित थे।

इस अवसर पर राज्य राहत आयुक्त ने आपदा प्रबंधन विशेषज्ञों को अपनी भूमिकाओं और जिम्मेदारियों का दायित्व लेने पर जोर देते हुए कहा कि प्रभावी आपदा प्रबंधन के लिए निरंतर सीखने, समन्वय और सक्रिय कार्रवाई की आवश्यकता होती है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय उदाहरणों का हवाला देते हुए बताया कि कैसे समय पर निगरानी और प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों ने आपदा-प्रवण क्षेत्रों में जान-माल के नुकसान को कम करने में मदद की है। साथ ही, उन्होंने जोखिमों को कम करने के लिए निगरानी प्रणालियों और तैयारियों के उपायों को मजबूत करने को आवश्यक बताया।

भूटिया ने प्रतिभागियों से आगे आग्रह किया कि वे प्रशिक्षण के दौरान सिखाए गए डिजिटल उपकरणों का नियमित रूप से अभ्यास और उनका उपयोग करें। उन्होंने इस सीख की समय-समय पर समीक्षा और निगरानी का भी सुझाव दिया। साथ ही, उन्होंने अन्य जिलों में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों को लागू करने के लिए प्रोत्साहित करते हुए एक मजबूत आपदा प्रबंधन प्रणाली के निर्माण में टीम वर्क, समन्वय और निरंतर प्रयासों के महत्व के बारे में बताया।

वहीं, जिला कलेक्टर रोहन अगवाने ने प्रशिक्षण का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत करते हुए आपदा प्रबंधन के लिए विभिन्न डिजिटल उपकरणों को एकीकृत करने की क्षमता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विभिन्न स्रोतों और मंचों से प्राप्त जानकारी को मिलाकर अधिकारी अपने अधिकार क्षेत्र के भीतर संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने के लिए मॉडल विकसित कर सकते हैं। उन्होंने आगे बताया कि ड्रोन-आधारित निगरानी जैसी तकनीकों का उपयोग करके जमीनी स्थितियों की पुष्टि की जा सकती है, खासकर उन इलाकों में जहां आपदाओं के दौरान पहुंचना मुश्किल होता है। अगवाने ने इस प्रशिक्षण को एक ‘पायलट प्रोजेक्ट’ बताया, जिसका मकसद आपदा प्रबंधन के लिए डिजिटल उपकरणों को आपस में जोड़ने की संभावनाओं को दिखाना था।

कार्यक्रम में संसाधन व्यक्ति के तौर पर शामिल दिनेश ढुंगेल ने इस सात-दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षण के विभिन्न मॉड्यूल्स और किए गए व्यावहारिक अभ्यासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने आपदा प्रबंधन के लिए एक मॉड्यूलर और भौतिक रूप से मौजूद ड्रोन के उपयोग का प्रदर्शन भी किया। कार्यक्रम के दौरान खतरों की निगरानी के लिए जिन प्रमुख डिजिटल उपकरणों से परिचय कराया गया। इन उपकरणों का प्रदर्शन सिक्किम में आपदा प्रबंधन के लिए विशेष रूप से तैयार की गई एक निगरानी कार्यप्रणाली के हिस्से के रूप में किया गया। इस दौरान तैयारी, प्रतिक्रिया और नुकसान कम करने के उपाय पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही रोजमर्रा के प्रशासनिक कार्यों में दक्षता बढ़ाने पर भी ध्यान केंद्रित किया गया।

कार्यक्रम में, प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण के व्यावहारिक अनुप्रयोगों का प्रदर्शन भी किया। इसमें एआई-आधारित चेतावनी संदेश तैयार करना और खतरों की निगरानी तथा विश्लेषण के लिए गूगल अर्थ इंजन का उपयोग करना शामिल था। कार्यक्रम में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किया गया और सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले शीर्ष पांच प्रतिभागियों को नकद पुरस्कार भी प्रदान किए गए।

कार्यक्रम में डीपीओ टीआर छेत्री, आईटी एडी निर्नाई राई और अन्य विभागीय अधिकारी भी उपस्थित थे।

No Comments:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

National News

Politics