गंगटोक (प्रकाश अधिकारी) । पश्चिम बंगाल की नयी भाजपा सरकार ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए सभी अनाधिकृत टोल गेट, ड्रॉप गेट, बैरिकेड संरचनाओं और अवैध वसूली केंद्रों को तत्काल बंद करने और हटाने का निर्देश दिया गया है। मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल ने बुधवार को यह आदेश जारी किया। इस घोषणा के बाद, गंगटोक-सिलीगुड़ी मुख्य सडक़ पर चलने वाले वाहन चालकों ने इस फैसले पर खुशी और राहत व्यक्त की।
पश्चिम बंगाल सरकार की अधिसूचना में कहा गया है कि कोई भी टोल या वसूली केंद्र, जो सक्षम प्राधिकारी से उचित अनुमति के बिना चल रहा है, उसे तत्काल बंद कर दिया जाना चाहिए। जिला मजिस्ट्रेटों को भी ऐसे अवैध वसूली केंद्रों की पहचान करने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि उन्हें बिना सरकारी मंजूरी के दोबारा स्थापित न किया जाए। आदेश में आगे उल्लेख किया गया है कि अनाधिकृत स्थानों पर किसी भी प्रकार के शुल्क, प्रभार या लेवी की वसूली तत्काल बंद होनी चाहिए।
इस फैसले के बाद, मीडिया से बात करते हुए गंगटोक-सिलीगुड़ी मेनलाइन टैक्सी ड्राइवर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय शर्मा ने कहा कि इस फैसले से सिक्किम के ड्राइवरों को बड़ी राहत मिली है। उन्होंने बताया कि गंगटोक और सिलीगुड़ी के बीच यात्रा करते समय ड्राइवरों को रास्ते में लगाए गए कई बैरिकेड बिंदुओं का सामना करना पड़ता था। उनके अनुसार, लगभग दस ऐसे बैरिकेड चल रहे थे, जहाँ कथित तौर पर ड्राइवरों को पश्चिम बंगाल पुलिस के कुछ कर्मियों द्वारा परेशान किया जाता था। उन्होंने दावा किया कि प्रत्येक वाहन से कथित तौर पर 500 रुपये से लेकर 1000 रुपये तक की राशि वसूली जाती थी।
शर्मा ने आगे कहा कि इस नए आदेश से अब ड्राइवरों को इन कठिनाइयों से मुक्ति मिल गई है। उन्होंने पश्चिम बंगाल सरकार के इस फैसले का स्वागत किया और ड्राइवरों की चिंताओं का समर्थन करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग के प्रति आभार व्यक्त किया।
एक अन्य ड्राइवर ने भी अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि इन बैरिकेडों के कारण ड्राइवरों को लंबे समय से गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि ड्राइवरों को बैरिकेड चेकिंग और अवैध वसूली के नाम पर प्रतिदिन 1000 रुपये से 1200 रुपये के बीच भुगतान करने के लिए मजबूर किया जाता था।
ड्राइवरों ने कहा कि यह मुद्दा विशेष रूप से गंगटोक-सिलीगुड़ी मार्ग पर नियमित रूप से यात्रा करने वाले सिक्किम-आधारित ड्राइवरों के लिए एक बड़ा बोझ बन गया था। ऐसे में, इस नए आदेश से आखिरकार राहत मिली है और उन्होंने पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा उठाए गए इस कदम का तहे दिल से स्वागत किया।
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