नामची। सिक्किम के अपने तीन दिन के दौरे के आखिरी दिन केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने आज शाम नामची टाउन हॉल में जिले के अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की। इसमें जिले में अलग-अलग कल्याण एवं विकास कार्यक्रम लागू करने का आकलन किया गया। इसमें महिलाओं और बच्चों के कल्याण, ग्रामीण विकास, हेल्थकेयर, शिक्षा, रोजगार, इंफ्रास्ट्रक्चर और सामुदायिक मजबूती बनाने से जुड़ी केंद्र सरकारी योजनाओं और विकास पहलों को जमीनी स्तर पर लागू करने की समीक्षा की गयी।
मंत्री ने रावांग्ला बुद्ध पार्क, तिमी टी गार्डन और फैक्ट्री, नामथांग फूड गोडाउन, स्वास्थ्य व कल्याण केंद्र और कटेंग स्कूल, पीएमएवाई (जी) हाउस और नामथांग केवीके समेत कई महत्वपूर्ण संस्थानों विकासमूलक स्थानों का दौरा किया, जहां उन्होंने अधिकारियों, लाभार्थियों और स्थानीय हितधारकों से बातचीत की।
यहां मंत्री ठाकुर ने सिक्किम, खासकर नामची जिले के लोगों एवं यहां की प्राकृतिक खूबसूरती की प्रशंसा करते हुए कहा कि यहां के लोगों का अपनापन, सादगी और ईमानदारी राज्य की पहचान को खूबसूरती को दिखाती है। सभी क्षेत्रों के अधिकारियों, कर्मचारियों और लोगों के समर्पण और ईमानदारी की तारीफ की और कहा कि जिले में टीमवर्क और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना साफ़ दिख रही है। साथ ही, उन्होंने जिले में केंद्र प्रायोजित योजनाओं और फंड के सही तरीके से लागू होने और इस्तेमाल पर खुशी जाहिर करते हुए लोगों को केंद्र सरकार की कल्याणकारी पहलों और विकासमूलक समर्थन का अधिक से अधिक इस्तेमाल करते रहने के लिए हिम्मत दी।
मंत्री ने नामथांग केवीके के अपने दौरे का जिक्र करते हुए ‘घर घर अनाज योजना’ के सफल कार्यान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने सिक्किम जैसे छोटे हिमालयी राज्य में ब्लूबेरी जैसे अंतरराष्ट्रीय फलों और मशरूम की सफल खेती पर भी खुशी जाहिर की। वहीं, शिक्षा क्षेत्र के बारे में उन्होंने बताया कि स्कूल के अपने दौरे के दौरान वह पढ़ाई की गुणवत्ता, विद्यार्थियों के अनुशासन और शिक्षकों के समर्पण से बहुत प्रभावित हुईं। उन्होंने मिशन शक्ति, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 और महिला एवं बाल कल्याण कार्यक्रम जैसे कई केंद्र प्रायोजित कार्यक्रमों के बारे में भी बताया। उन्होंने आंगनबाड़ी कर्मियों जैसे जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को पहचानने और सपोर्ट करने की अहमियत पर भी जोर देते हुए उनकी भूमिका और पेशेवर विकास को और मजबूत करने के लिए समय पर प्रशिक्षण, संस्थागत समर्थन और क्षमता-निर्माण के मौकों की जरूरत पर जोर दिया।
Savitri Thakur ने कोविड-19 महामारी के मुश्किल समय को भी याद करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने महिलाओं और बच्चों की भलाई के लिए लगातार काम किया, जिससे प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना जैसी पहल को और मजबूती मिली।
इस दौरान, महिला, बाल, वरिष्ठजन एवं दिव्यांग कल्याण सचिव नॉर्मित लेप्चा ने वक्तव्य रखा। इसके साथ, एक विस्तृत प्रस्तुति में विभाग द्वारा राज्य में महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों के सशक्तिकरण और कल्याण के लिए लागू की जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और प्रमुख कार्यक्रमों पर प्रकाश डाला गया। प्रस्तुति में उन्होंने ‘मिशन शक्ति’ का एक संक्षिप्त विवरण दिया और वर्ष 2025-26 के लिए इसकी भौतिक और वित्तीय प्रगति को रेखांकित किया। प्रस्तुति में राज्य के सभी छह जिलों में ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ कार्यक्रम के सफल कार्यान्वयन को भी शामिल करने के साथ ‘नारी अदालत’ जैसी पहलों को भी संक्षेप में रेखांकित किया गया।
नामची की जिला कलेक्टर अनुपा तामलिंग ने अपनी एक व्यापक प्रस्तुति में जिले की विकासात्मक रूपरेखा और चल रही पहलों का एक विस्तृत अवलोकन प्रदान किया गया। उन्होंने जिले के मुख्य क्षेत्रों में हुई प्रगति पर प्रकाश डाला, जिनमें स्वास्थ्य बुनियादी ढांचा, शैक्षिक ढांचा, ग्रामीण सेवा सुविधाएं, स्वास्थ्य सेवा में सुधार, कनेक्टिविटी और परिवहन शामिल रहे। साथ ही उन्होंने जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक सेवा वितरण की मजबूती और बेहतर पहुंच के लिए शुरू की गई विभिन्न पहलों के बारे में भी विस्तार से बताया।
इस प्रस्तुति में नॉर्थ ईस्ट स्पेशल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट स्कीम, किशोरों व युवाओं की उन्नति के ‘मिशन माया’ के साथ विशेष जरूरतों वाले बच्चों पर भी विशेष ध्यान दिया गया
बैठक में विभागों के बीच तालमेल को मजबूत करने, निगरानी तंत्र में सुधार करने और जिले में समावेशी और टिकाऊ विकास को बढ़ावा देने पर भी विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम में एक खुली चर्चा भी हुई जिसमें अधिकारियों, विभागीय प्रतिनिधियों, हितधारकों और प्रतिभागियों ने विभिन्न विकास संबंधी मुद्दों, कल्याणकारी योजनाओं, केंद्र प्रायोजित योजनाओं के कार्यान्वयन, तथा क्षेत्र-विशेष की चुनौतियों और सुझावों पर आपस में विचार-विमर्श किया। इसने विचारों और सुझावों के रचनात्मक आदान-प्रदान के लिए एक मंच प्रदान किया, जिसका उद्देश्य आपसी समन्वय को सुदृढ़ करना, सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाना और जनहित में सरकारी कार्यक्रमों का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करना था।
आज केंद्रीय राज्य मंत्री की समीक्षा बैठक में आईसीएएस सत्येन लामा; महिला, बाल, वरिष्ठजन एवं दिव्यांग विभाग की प्रधान निदेशक उर्वशी पौड्याल, विशेष सचिव बंदना राई, अतिरिक्त निदेशक सह नोडल अधिकारी सोनम ल्हामू भूटिया, जिला प्रशासन के अधिकारी, विभिन्न विभागों के अध्यक्ष और अन्य उपस्थित रहे।
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