नामची में जिला सहकारी विकास समिति की बैठक आयोजित

नामची : जिला सहकारी विकास समिति (डीसीडीसी), जिला स्तरीय कार्यान्वयन एवं निगरानी समिति (डीएलआईएमसी) तथा जिला स्तरीय समन्वय एवं निगरानी समिति (डीएलसीएमसी) की संयुक्त बैठक आज जिला कलेक्टर नामची सुश्री अनुपा तामलिंग की अध्यक्षता में जिला प्रशासनिक केंद्र स्थित उनके कक्ष में आयोजित की गई।

बैठक को संबोधित करते हुए जिला कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सहकारी समितियों को बढ़ावा देते हुए सामुदायिक आधारित विकास को प्राथमिकता दी जाए, ताकि स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाया जा सके। उन्होंने आम जनता को सहकारी समितियों के लाभ और उनसे मिलने वाले अवसरों के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया।

उन्होंने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न वित्तीय सहायता योजनाओं का उल्लेख करते हुए ऋण पुनर्भुगतान की जिम्मेदारी और डिफॉल्ट के परिणामों के प्रति लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता बताई। साथ ही लाभार्थियों को सही पुनर्भुगतान प्रक्रिया के बारे में मार्गदर्शन देने के निर्देश दिए। पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर देते हुए उन्होंने फंड स्वीकृति और स्टॉक प्रबंधन की सख्त निगरानी करने को कहा।

बैठक की शुरुआत में अतिरिक्त रजिस्ट्रार (सहकारिता) पुरुषोत्तम प्रधान ने जिले में संचालित सहकारी समितियों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय सहकारी डाटाबेस के अनुसार नामची और रावांग उपखंड में कुल 1,154 सहकारी समितियां पंजीकृत हैं, जिनमें से 262 कार्यरत, 726 निष्क्रिय और 166 परिसमापन की प्रक्रिया में हैं।

उन्होंने बताया कि जिले में 12 दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियां और 2 पोल्ट्री सहकारी समितियां पंजीकृत हैं। साथ ही नामची जिले की सहकारी समितियों ने नेशनल कोऑपरेटिव ऑर्गेनिक लिमिटेड, नेशनल कोऑपरेटिव एक्सपोर्ट लिमिटेड और भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड में हिस्सेदारी ली है। उन्होंने प्राथमिक कृषि साख समितियों (पैक्‍स) की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए बताया कि ये कॉमन सर्विस सेंटर, प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र और प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र के रूप में भी कार्य कर रही हैं।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में शीर्ष एवं प्राथमिक सहकारी संस्थाओं ने राज्य सरकार को 155.67 लाख रुपये का लाभांश प्रदान किया है। उन्होंने बताया कि 19 मार्च 2026 को शुरू की गई सिक्किम राज्य सहकारी नीति-2026 का उद्देश्य सहकारिताओं को समावेशी विकास और ग्रामीण समृद्धि का माध्यम बनाना है। साथ ही वर्ष 2026-27 के भीतर सहकारी कानूनों में संशोधन पूरा होने की उम्मीद है।

उन्होंने यह भी बताया कि विभाग जल्द ही कृषि, बागवानी और पशुपालन विभागों के साथ मिलकर बड़े स्तर पर सदस्यता अभियान शुरू करेगा। हाल ही में नामची जिले के पांच पैक्‍स सदस्यों और 35 अधिकारियों ने गुजरात के बनास डेयरी, अमूल और अन्य सहकारी संस्थानों का अध्ययन दौरा किया। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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