गंगटोक : 8वें पोषण पखवाड़ा के तहत महिला, बाल, वरिष्ठजन एवं दिव्यांग कल्याण विभाग के तहत राबदांग ग्रामीण परियोजना द्वारा आज पाटुक चांडे आईसीडीएस केंद्र में सेंट्रल पटुक सरकारी प्राथमिक स्कूल के सहयोग से कार्यक्रम आयोजित किया गया।
“जीवन के पहले छह वर्षों में अधिकतम मस्तिष्क विकास” विषयक इस कार्यक्रम में सेवानिवृत्त शिक्षक आरओ लेप्चा मुख्य अतिथि और सेवानिवृत्त शिक्षक यूएन शर्मा विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में सेंट्रल पाटुक प्राथमिक स्कूल के शिक्षकों और छात्रों ने सक्रियता से भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत आरआरपी ब्लॉक कोऑर्डिनेटर श्रीमती सोनमित लेप्चा द्वारा ‘पोषण शपथ’ के साथ हुई। इस अवसर पर, राबदांग सीडीपीओ श्रीमती ल्हामित लेप्चा ने पोषण पखवाड़ा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसके मुख्य फोकस क्षेत्रों के बारे में विस्तार से बताया।
वहीं, पोषण शिक्षक सह निरीक्षक श्रीमती सुमीरा शर्मा ने खास कर जीवन के पहले 1000 दिनों के दौरान, संतुलित आहार और उचित पोषण के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने एनीमिया (खून की कमी) जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की और पहले छह महीनों तक केवल स्तनपान कराने के महत्व पर बल दिया।
उनके साथ, गंगटोक जिला पोषण अभियान समन्वयक सांगे तमांग ने बच्चों में स्क्रीन टाइम को कम करने और 0-6 आयु वर्ग के बच्चों में मस्तिष्क विकास में सहायक गतिविधियों को बढ़ावा देने में माता-पिता और समुदाय की भूमिका के बारे में बात की। वहीं, सांगे पीएचसी की आशा कार्यकर्ता श्रीमती रूपा देवी रेगमी ने टीकाकरण और प्रसव-पूर्व देखभाल के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने घर के बने खाने के फायदों पर ज़ोर दिया और बेहतर स्वास्थ्य के लिए जंक फ़ूड से बचने की सलाह दी।
कार्यक्रम में, मुख्य अतिथि आरओ लेप्चा ने इस तरह के सार्थक कार्यक्रम के लिए आयोजकों की सराहना की। उन्होंने समुदाय के प्रति अपने समर्पण और सेवा के लिए आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भी तारीफ की। कार्यक्रम के दौरान, माखा जोन की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने स्थानीय समुदाय में स्वस्थ खाने की आदतों को बढ़ावा देने के लिए कई पौष्टिक व्यंजन प्रदर्शित किए।
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