चेन्नई । तमिलनाडु के पूर्व सीएम और डीमके प्रमुख एम.के. स्टालिन ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ टीवीके ने कोई जमीनी काम नहीं किया, बल्कि सोशल मीडिया के जरिए लोगों को प्रभावित कर विधानसभा चुनाव जीत लिया। एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्टालिन ने डीएमके की विभिन्न गतिविधियों का जिक्र किया। उन्होंने पार्टी सम्मेलनों और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े कामों का भी उल्लेख किया।
सत्तारूढ़ टीवीके का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि डीएमके की तरह पार्टी ने कोई जमीनी तैयारी नहीं की। यहां तक कि कई जगहों पर उसने मतगणना एजेंट तक नियुक्त नहीं किए थे। स्टालिन ने कहा कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल बच्चों के जरिए परिवारों को प्रभावित करने के लिए किया गया और यह हमारी नजरों से बच गया।
उन्होंने कहा कि डीएमके अब इस बात को समझ चुकी है और आगे से बेहद सतर्क रहेगी। सोशल मीडिया आधारित ऐसी रणनीतियों का मुकाबला करने के लिए पार्टी ने नई योजनाएं तैयार की गई हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि 1949 में स्थापित डीएमके ने कई चुनावी जीत और हार देखी हैं, लेकिन पार्टी हमेशा की तरह फिर से मजबूती से खड़ी हुई है।
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में सी जोसेफ विजय की पार्टी टीवीके की जीत ने सभी को चौंकाया है। खुद टीवीके की सहयोगी कांग्रेस पार्टी के नेता कार्ति चिदंबरम कह चुके हैं कि हमने थलापित विजय को कम करके आंका। स्टालिन ने कहा कि विजय की पार्टी टीवीके का प्रचार काफी मजबूत था और उनकी पार्टी इस और ध्यान नहीं दे पायी।
हाल ही में सुपरस्टार अभिनेता रजनीकांत ने एमके स्टालिन से मुलाकात की थी। इस मुलाकात की खूब चर्चा हुई। कुछ लोगों ने आरोप लगाए कि वे नहीं चाहते थे कि विजय मुख्यमंत्री बनें। इसे लेकर रजनीकांत ने रविवार को मीडिया से बातचीत में साफ किया कि वे विजय से नहीं जलते हैं। उन्होंने कहा कि विजय उनसे 25 साल जूनियर हैं। रजनीकांत ने ये भी कहा कि अगर वे 2021 का तमिलनाडु विधानसभा चुनाव लड़ते तो जीत जाते।
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