पटना । राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर अपना रुख साफ कर दिया। लालू यादव ने मांग की है कि महिला आरक्षण के भीतर एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक वर्ग की महिलाओं के लिए 15 प्रतिशत का अलग से महिला आरक्षण होना चाहिए। लालू यादव ने कहा कि अगर वंचित तबके की महिलाओं को यह भागीदारी मिलती है, तो उन्हें इस विधेयक से कोई ऐतराज नहीं होगा।
लालू यादव ने 2003 का एक पुराना वीडियो शेयर किया है। सदन का अपना पुराना वीडियो शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, दशकों से सड़क से लेकर संसद तक हमारी यह मांग रही है कि महिला आरक्षण विधेयक पारित करिए, लेकिन महिला आरक्षण के अंदर एससी/एसटी, ओबीसी और माइनॉरिटी वर्ग की महिलाओं के लिए अलग से आरक्षण होना चाहिए।
वीडियो में लालू यादव कहते हुए दिखाई देते है कि बैकबर्ड, मुस्लिम, दलित महिला को 15 प्रतिशत आरक्षण करिए। हमें इस पर कोई एतराज नहीं है। अगर आपको सच में दर्द है तो आरक्षण के अंदर 15 फीसदी करिए।
वहीं लालू यादव के छोटे बेटे तेजस्वी यादव ने कहा कि हम 33 फीसदी नहीं, बल्कि 50 फीसदी महिला आरक्षण विधेयक के पक्षधर है। उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद सहित सभी समाजवादी नेताओं की यह पुरानी मांग रही है कि महिला आरक्षण के अंदर एससी, एसटी, और ओबीसी वर्ग की महिलाओं के लिए अलग से आरक्षण होना चाहिए, तभी यह न्यायपूर्ण होगा।
उन्होंने मोदी सरकार को घेरते हुए कहा कि 2023 में सर्वसम्मति से महिला आरक्षण विधेयक पारित हुआ था। उस समय मोदी सरकार ने कहा था कि इसे नई जातिगत जनगणना और परिसीमन के बाद 2023 में लागू करेंगे। 3 साल इस विधेयक को अधिसूचित तक नहीं किया। अब महिला आरक्षण विधेयक की आड़ में चालाकी से बीजेपी परिसीमन, संविधान बदलने और संघीय ढांचे को कमजोर करना चाहती है।
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