उत्तर सिक्किम में पहली बार कैमरे में कैद हुआ मिशमी टाकिन का झुंड

गंगटोक : उत्तर सिक्किम के टिंगदा रिजर्व फॉरेस्ट में लुप्तप्राय एवं शर्मीले स्वभाव वाले मिशमी टाकिन के झुंड का पहला वीडियो फुटेज रिकॉर्ड किया गया है। वन एवं पर्यावरण विभाग ने बुधवार को जारी बयान में इसे सिक्किम में पिछले दो दशक में इस संवेदनशील वन्यजीव प्रजाति की सबसे महत्वपूर्ण पुष्टि में से एक बताया है।

विभाग के अनुसार, यह दुर्लभ दृश्य टिंगदा रिजर्व फॉरेस्ट के बाकुचेन क्षेत्र में नियमित गश्त के दौरान दर्ज किया गया। अधिकारियों ने यहां आठ मिशमी टाकिन के झुंड को कैमरे में कैद किया। विभाग ने कहा कि इस क्षेत्र से अब तक दर्ज किए गए टाकिनों का यह सबसे बड़ा समूह है। मिशमी टाकिन, जिसे अक्सर “गोट-एंटीलोप” (बकरी-मृग) वन्यजीव कहा जाता है, पूर्वी हिमालय का एक बड़ा उच्च हिमालयी खुर वाला जीव है। यह प्रजाति इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर (आईयूसीएन) की रेड लिस्ट में संवेदनशील श्रेणी में सूचीबद्ध है। इसे हिमालयी अल्पाइन पारिस्थितिकी तंत्र के स्वास्थ्य का महत्वपूर्ण संकेतक माना जाता है।

मजबूत शरीर, घने बाल और कठिन पर्वतीय परिस्थितियों में जीवित रहने की क्षमता के लिए पहचाने जाने वाले मिशमी टाकिन वन घाटियों से लेकर अल्पाइन घास के मैदानों तक पाए जाते हैं। ये करीब 4,500 मीटर की ऊंचाई तक के दुर्गम इलाकों में रह सकते हैं। इनके शरीर से निकलने वाला प्राकृतिक तैलीय पदार्थ इन्हें बारिश और कठोर मौसम से बचाने में मदद करता है।

वन विभाग के अनुसार, सिक्किम मिशमी टाकिन के वैश्विक वितरण क्षेत्र की पश्चिमी सीमा पर स्थित है। इसलिए इस प्रजाति का ताजा दस्तावेजीकरण वन्यजीव शोधकर्ताओं और संरक्षण विशेषज्ञों के लिए विशेष महत्व रखता है। विभाग ने कहा कि सिक्किम में मिशमी टाकिन के ऐतिहासिक रिकॉर्ड बेहद सीमित हैं, इसलिए यह प्रमाण पिछले दो दशक में राज्य में इस प्रजाति की मौजूदगी का एक अहम रिकॉर्ड है।

वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि स्वस्थ झुंड की उपस्थिति क्षेत्र के पर्वतीय आवासों की पारिस्थितिक मजबूती को दर्शाती है। साथ ही यह पूर्वी हिमालय में वन्यजीव आवासों की निरंतरता और संपर्क मार्गों को सुरक्षित रखने की आवश्यकता को भी रेखांकित करती है।

वन एवं पर्यावरण विभाग ने इस दुर्लभ दर्शन को राज्य के संवेदनशील पर्वतीय पारिस्थितिकी तंत्र में लगातार किए जा रहे संरक्षण प्रयासों और आवास सुरक्षा उपायों का परिणाम बताया। विभाग ने कहा कि यह उल्लेखनीय दृश्य सिक्किम के पर्वतीय परिदृश्य की सुरक्षा के लिए किए जा रहे समेकित आवास प्रबंधन और संरक्षण प्रयासों की सफलता को दर्शाता है। अधिकारियों के अनुसार, यह वीडियो फुटेज सिक्किम में मिशमी टाकिन की मौजूदगी, वितरण और आबादी की स्थिति को समझने में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करेगा।

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