नामची : सिक्किम इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (एसआईएसटी), चिसोपानी के अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) प्रकोष्ठ के सदस्य डॉ. सीपी खतिवड़ा ने बताया कि संस्थान में बुधवार को रिसर्च कॉन्क्लेव 1.2 का सफल आयोजन किया गया।
संस्थान के प्राचार्य सह निदेशक प्रो (डॉ.) बीबी प्रधान के मार्गदर्शन एवं सतत प्रोत्साहन में आयोजित इस कार्यक्रम ने अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को अपने प्रमुख शोध एवं परियोजना कार्यों को प्रस्तुत करने का उत्कृष्ट मंच प्रदान किया। आरएंडडी सेल द्वारा आयोजित इस कॉन्क्लेव में विद्यार्थियों ने पोस्टर प्रस्तुति के माध्यम से अपने मेजर प्रोजेक्ट्स का प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्रों की शोध क्षमता, तकनीकी दक्षता, रचनात्मकता तथा समस्या समाधान कौशल की झलक देखने को मिली। कार्यक्रम में देश के प्रतिष्ठित संस्थानों से आए विशेषज्ञों ने बाह्य मूल्यांकनकर्ता के रूप में भाग लिया।
विशेषज्ञ पैनल में एनआईटी सिक्किम के डॉ. संग्राम रे, डॉ. अंकित भारद्वाज एवं डॉ. राजीव कुमार तथा एनआईटी रायपुर की डॉ. एम दासगुप्ता शामिल थे। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन करते हुए महत्वपूर्ण सुझाव दिए और उन्हें गुणवत्तापूर्ण शोध एवं नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कॉन्क्लेव के सफल आयोजन में आरएंडडी सेल की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
टीम में डॉ. परिता बस्नेत (फैकल्टी एसोसिएट, आरएंडडी सेल), डॉ. कर्मा हिस्से लेप्चा (अकादमिक प्रभारी), डॉ. प्रेरणा शर्मा (सहायक प्राध्यापक, सिविल इंजीनियरिंग विभाग) तथा डॉ. सीपी खतिवड़ा (सहायक प्राध्यापक, भौतिकी विभाग) शामिल रहे। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को अपने शोध निष्कर्ष साझा करने, नए विचारों का आदान-प्रदान करने तथा प्रतिष्ठित शिक्षाविदों से प्रत्यक्ष मूल्यांकन प्राप्त करने का अवसर प्रदान किया। यह आयोजन संस्थान की शोध, नवाचार, उद्यमिता एवं शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
संस्थान के अनुसार, तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में यह सिक्किम का एक अग्रणी और अभिनव प्रयास है। संस्थान के ज्ञान के अनुसार राज्य के तकनीकी शिक्षा इतिहास में यह अपनी तरह का पहला आयोजन है, जिसमें इंजीनियरिंग एवं विज्ञान के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों के समक्ष पोस्टर प्रस्तुति के माध्यम से अपने शोध कार्य प्रस्तुत करने और उनका बचाव करने का अवसर मिला।
यह पहल राज्य में शोधोन्मुख शैक्षणिक संस्कृति को सुदृढ़ करने, वैज्ञानिक अनुसंधान को प्रोत्साहित करने तथा समाज के विकास के लिए तकनीक आधारित समाधान विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी। कार्यक्रम के सफल आयोजन पर संस्थान ने सभी बाह्य विशेषज्ञों, संकाय सदस्यों, आयोजन समिति तथा छात्र-छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी इस प्रकार के शोध एवं अकादमिक कार्यक्रमों के आयोजन की प्रतिबद्धता दोहराई।
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