जिलाधिकारी ने की कौशल विकास पहलों की समीक्षा

गंगटोक : जिला कौशल समिति के पुनर्गठन और जिले में कौशल विकास पहलों व कार्यों की समीक्षा के लिए आज गंगटोक डीएसी सभागार में जिला कलेक्टर रोहन अगवाने की अध्यक्षता में जिला कौशल समिति की बैठक आयोजित की गई।

विगत 6 अप्रैल को गृह विभाग की अधिसूचना के तहत बुलाई गई इस बैठक के दौरान कौशल विकास विभाग के अधिकारियों ने जिला कौशल समिति की भूमिका और उद्देश्य पर विस्तृत जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि समिति का मुख्य उद्देश्य कौशल विकास को जमीनी स्तर से मजबूत करना, विभिन्न विभागों और हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना तथा जिले में मांग आधारित और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कौशल विकास व्यवस्था तैयार करना है।

बैठक में जिले की विशेष कौशल जरूरतों, रोजगार अवसरों और वार्षिक जिला कौशल विकास योजना की तैयारी पर चर्चा की गई। सदस्यों ने विभिन्न विभागों और एजेंसियों द्वारा संचालित कौशल विकास कार्यक्रमों की समीक्षा की और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को स्थानीय बाजार की मांग के अनुरूप बनाने, युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने तथा उद्यमिता और स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने के उपायों पर विचार-विमर्श किया।

इसमें राज्य में संचालित सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) की स्थिति की भी जानकारी दी गई। बताया गया कि वर्तमान में रंगपो, गेजिंग, नामची और केवजिंग में चार आईटीआई संचालित हैं। इसके अलावा सोरेंग जिले के चुम्बुंग और पाकिम जिले के आरिटार में नए संस्थानों का निर्माण कार्य जारी है, जिनके वर्ष 2026-27 तक पूरा होने की उम्मीद है।

समिति को बताया गया कि युवाओं को उद्योग से जुड़े कौशल प्रदान करने और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए वर्तमान में कुल 27 ट्रेड संचालित किए जा रहे हैं। इनमें 15 इंजीनियरिंग और 12 नॉन-इंजीनियरिंग ट्रेड शामिल हैं।

वहीं, बैठक में नियुक्ति केंद्र द्वारा दी जा रही सेवाओं की भी समीक्षा की गई। इनमें रोजगार पंजीकरण, करियर काउंसलिंग, अप्रेंटिसशिप और इंटर्नशिप सुविधा, प्लेसमेंट सहायता, जॉब फेयर तथा प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना, नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम और नेशनल अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग स्कीम जैसे प्रमुख कार्यक्रम शामिल हैं।

साथ ही, बैठक में सिक्किम इंस्पायर्स पहल के क्रियान्वयन पर भी चर्चा हुई। इसके तहत महिलाओं, युवाओं और एनईईटी लाभार्थियों की पहचान, सत्यापन और उन्हें प्रशिक्षण से जोडऩे पर ध्यान केंद्रित किया गया। जिला स्तर पर कौशल अंतराल का आकलन और प्रस्तावित प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों के लिए रोजगार अवसरों की पुष्टि पर भी विचार किया गया।

इसके अलावा, बैठक में मुख्यमंत्री एलेवेट योजना के तहत प्रवास के रुझानों और विदेशों में रोजगार के अवसरों पर भी विचार-विमर्श किया गया। इसके अंतर्गत पासपोर्ट दस्तावेज, पुलिस सत्यापन और जागरूकता बढ़ाने से जुड़े सहयोग पर चर्चा हुई। सदस्यों ने कहा कि कौशल विकास कार्यक्रमों की सफलता के लिए प्रशिक्षण के साथ-साथ रोजगार उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। इसके लिए प्रशिक्षण प्रदाताओं, उद्योगों और सरकारी एजेंसियों के बीच मजबूत सहयोग आवश्यक है।

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