गंगटोक : राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के युवा एवं खेल मामलों के मंत्रियों का चौथा चिंतन शिविर 24 से 26 अप्रैल तक श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित हुआ।
केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में हुए इस कन्वेंशन में सिक्किम सरकार में खेल एवं युवा मामलों तथा शिक्षा मंत्री राजू बस्नेत ने हिस्सा लिया। उनके साथ, कार्यक्रम में राष्ट्रीय नेतृत्व और खेल जगत की हस्तियों ने हिस्सा लिया। जिनमें केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीमती रक्षा खडसे भी मौजूद थीं। इसके अलावा, अभिनव बिंद्रा, पुलेला गोपीचंद, गगन नारंग और आदिल सुमारीवाला भी शामिल हुए।
कन्वेंशन में राजू बस्नेत ने जमीनी स्तर पर खेलों के विकास की जरूरत पर जोर देते हुए इसके लिए माता-पिता की सक्रिय भागीदारी, कोचों की बेहतर शिक्षा और व्यवस्थित तरीके से प्रतिभा की पहचान को जरूरी बताया। उनके साथ खेल व युवा मामलों के निदेशक डॉ आरबी बिश्वकर्मा भी इस शिविर में शामिल हुए।
कन्वेंशन में सिक्किम ने शासन और नीतिगत पहलों पर प्रकाश डाला। बसनेत ने खेल शासन पर आधारित एक सत्र की सह-अध्यक्षता भी की जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग (गोले) के नेतृत्व में सिक्किम में शुरू की गई प्रमुख पहलों को सबके सामने रखा।
साथ ही, इसमें खेल इकोसिस्टम को मजबूत बनाने पर भी मुख्य चर्चाएं हुईं। इनमें केंद्र-राज्यों के बीच सहयोग को बढ़ाना, बुनियादी ढांचे और प्रतिभा पहचान प्रणालियों का विस्तार करना, स्वच्छ खेल एवं डोपिंग-रोधी उपायों को बढ़ावा देना, खेल सामानों के निर्माण को विकसित करना एवं अन्य शामिल रहे।
शिविर के समापन दिवस पर “श्रीनगर खेल संकल्प” जारी किया गया। इसमें खिलाडिय़ों पर केंद्रित विकास, क्षेत्रीय खेल समूहों एवं युवा सशक्तिकरण, स्वास्थ्य, पर्यटन एवं आर्थिक विकास हेतु खेलों का उपयोग करने के साझा विजन की रूपरेखा प्रस्तुत की गई।
इसके अलावा, कार्यक्रम में ‘फिट इंडिया साइक्लोथॉन’ और ‘यस-पे’ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। ‘चिंतन शिविर’ में केंद्र और राज्यों के बीच भारत में एक मजबूत, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार खेल इकोसिस्टम बनाने की सामूहिक प्रतिबद्धता को दोहराया गया।
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