गंगटोक : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सिक्किम में हजारों करोड़ रुपये की 30 से ज्यादा विकास परियोजनाओं की शुरुआत और उद्घाटन के साथ सिक्किम के राज्य बनने के 50वें साल के जश्न का समापन किया।
सिक्किम राज्य गठन के स्वर्ण जयंती समारोह के समापन अवसर पर राजधानी गंगटोक के पालजोर स्टेडियम में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने राज्य के साथ अपने गहरे जुड़ाव का जिक्र करते हुए यहां ऑर्किड गार्डन घूमने के अपने अनुभव को बेमिसाल बताया। मोदी ने कहा, यह अनुभव बहुत किस्मत से मिलता है। मेरा मन अभी भी उन रंगों और उनके जश्न में डूबा हुआ है।
प्रधानमंत्री ने गंगटोक में सिक्किम के 50वें स्थापना वर्ष के समापन समारोह में पर्यटन को विकास से जोड़ा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इसके लिए कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने पूर्वोत्तर को ‘अष्ट लक्ष्मी’ बताते हुए एक्ट ईस्ट, एक्ट फास्ट नीति का उल्लेख किया। साथ ही देशवासियों से सिक्किम आने की अपील की।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार पूर्वोत्तर के विकास के लिए कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे पर तेजी से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकारों के दौरान सिक्किम और पूर्वोत्तर के विकास पर ध्यान नहीं दिया गया। स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव में पर्यटक सिक्किम आने से बचते थे। अब राज्य में चार जिला अस्पताल और 22 आयुष्मान केंद्र स्थापित किए गए हैं। उन्होंने सिक्किम के सांस्कृतिक आयोजनों की प्रशंसा करते हुए कहा कि राजनीतिक स्वार्थ के कारण आज जहां देश में भेदभाव पैदा करने की कोशिश हो रही है, ऐसे में सिक्किम ने ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का उदाहरण प्रस्तुत किया है।
मोदी ने सिक्किम को ‘पूर्व का स्वर्ग’ और ‘पूर्वोत्तर का गार्डन’ बताया। उन्होंने कहा कि राज्य में देश की 25 प्रतिशत से अधिक क्रलोरल विविधता पाई जाती है। यहां 500 से अधिक पक्षियों और 700 प्रकार की तितलियों की प्रजातियां हैं। कंचनजंगा की पहाडि़यां राज्य की पहचान को और समृद्ध बनाती हैं। उन्होंने पर्यटकों से सिक्किम आने और यहां के स्थानीय उत्पाद खरीदने की अपील की। उन्होंने सुझाव दिया कि यात्रा के बजट का कम से कम 5 प्रतिशत पर्यटकों को स्थानीय वस्तुओं की खरीद पर खर्च करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पर्यटक जहां जाएं, वहीं का भोजन करें और स्थानीय उत्पादों को खरीदें। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
प्रधानमंत्री ने बताया कि कैसे केंद्र सरकार राज्य के साथ मिलकर खेल और वेलनेस टूरिज्म को बढ़ावा देने पर भी काम कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में स्पोर्ट्स अकादमी को पुनर्जीवित किया गया है और खेलो इंडिया तथा फिट इंडिया जैसे अभियान चलाए जा रहे हैं। सिक्किम प्रीमियर लीग जैसे आयोजन भी प्रोत्साहित किए जा रहे हैं। साथ ही 1,000 होमस्टे विकसित किए जा रहे हैं।
वहीं, अपने भाषण में सिक्किम पहुंचने की अपनी खुशी जाहिर करते हुए प्रधानमंत्री ने अपनी पिछली यात्रा को याद किया जब खराब मौसम की वजह से वे गंगटोक नहीं पहुंच पाए थे और उन्हें बागडोगरा से ऑनलाइन जुड़ना पड़ा था। लोगों से व्यक्तिगत रूप से न मिल पाने की निराशा उनके मन में बनी हुई थी, और वे इस मौके का इंतज़ार कर रहे थे। मोदी ने कहा, आज इस मौके से वह इंतजार पूरा हुआ है।
मुख्य कार्यक्रम से पहले, प्रधानमंत्री सिक्किम के कई प्रतिभाशाली लोगों से भी मिले, जिनमें जाने-माने नागरिक, पद्म अवॉर्डी, कलाकार और फुटबॉलर शामिल थे। मोदी ने कहा, सिक्किम के लोगों से मिलना मुझे हमेशा एक अलग तरह का सुकून देता है।
इसके अलावा, पिछली शाम के रोड शो को करते हुए प्रधानमंत्री ने इसे एक यादगार अनुभव बताया। मोदी ने कहा, यह नजारा ऐसा था जैसे प्रकृति की गोद में अलग-अलग रंग खिल रहे हों, लोगों के हाथों में हमारा प्यारा तिरंगा और भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे गूंज रहे थे, पूरा माहौल एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना को दिखा रहा था।
प्रधानमंत्री ने बड़ी संख्या में आई महिलाओं, बच्चों और बुज़ुर्गों की मौजूदगी के साथ ही सिक्किम की सड़कों की सफाई की भी प्रशंसा की। मोदी ने कहा, आप प्रकृति के पक्के रक्षक और ब्रांड एंबेसडर हैं। उन्होंने सभी नागरिकों और कलाकारों को धन्यवाद देते हुए कहा, मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि आपके प्यार, स्नेह और आशीर्वाद का यह कर्ज चुकाने में मैं कोई कसर नहीं छोड़ूंगा।
प्रधानमंत्री ने बताया कि आज हजारों करोड़ रुपये की 30 से ज़्यादा परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया, जिनमें सड़क, बिजली, पर्यटन, स्वास्थ्य व शिक्षा क्षेत्र शामिल हैं। 2023 के बाद उत्तर सिक्किम के इलाकों में आने वाली मुश्किलों पर खास ध्यान दिया गया है, खासकर उन कनेक्टिविटी को ठीक करने में जो प्रभावित हुई थी।
बड़ी संपर्क परियोजनाओं पर जोर देते हुए, प्रधानमंत्री ने बागडोगरा-गंगटोक एक्सप्रेसवे और सेवक-रंगपो रेल लाइन को सिक्किम को पूरे देश से जोड़ने वाले जरूरी लिंक के तौर पर बताया। उन्होंने कहा कि नए नेशनल हाईवे बनाए जा रहे हैं और गंगटोक जैसे शहरों में रिंग रोड जैसे जरूरी भविष्य के प्रोजेक्ट्स भी आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने 2008-09 में मंजूर किए गए सेवक-रंगपो रेल लाइन परियोजना का उदाहरण देते हुए कहा कि विकास ने फिर से रफ़्तार पकड़ ली है। केंद्र में मौजूदा सरकार के सत्ता में आने के बाद पहली बार, रेलवे सिक्किम तक पहुंच रही है।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नए विचारों की जरूरत पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने भालेढुंगा, येन-येंग और पेलिंग में रोपवे बनाने, भालेढुंगा में निर्माणाधीन स्काईवॉक और सिंगशोर ब्रिज पर ग्लास डेक स्काईवॉक की तैयारियों को नई सोच के उदाहरण के तौर पर बताया। उन्होंने कहा कि नाथुला और नामली जैसी जगहों पर सीमा अनुभव को बेहतर बनाने के लिए भी काम चल रहा है। मोदी ने भरोसा दिलाया, इन कोशिशों से आपकी जिंदगी आसान होगी, पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, आपकी इनकम बढ़ेगी और रोजगार के ज़्यादा मौके बनेंगे। उन्होंने सिक्किम में इको-वेलनेस टूरिज्म की बड़ी गुंजाइश पर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने स्थानीय लोगों के लिए ज़्यादा से ज़्यादा आय सुनिश्चित करने के लिए 1,000 होमस्टे बनाए जाने के बारे में भी बताया।
सिक्किम की आर्थिक प्रगति में स्वयं सहायता समूहों और महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार करते हुए प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे ‘डिजिटल इंडिया’ उनके उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने में एक अहम भूमिका निभा रहा है। मोदी ने कहा, ‘स्वयं सिक्किम’ जैसे मंच आज इन महिलाओं को सशक्त बना रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में सिक्किम की अपार संभावनाओं का भी जिक्र करते हुए ‘एक पेड़ मां के नाम’ और स्थानीय स्तर पर चलाई जा रही ‘मेरो रुख मेरो संतति’ जैसे पहलों में लोगों की भागीदारी की सराहना की। मोदी ने कहा, मेरा मानना है कि यह पहल पूरे विश्व के लिए एक प्रेरणा है। साथ ही, सभी से पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को उसी समर्पण के साथ जारी रखने का आह्वान करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, यह हमारी विरासत है, जिसकी रक्षा हमें अपनी आने वाली पीढि़यों के लिए करनी है। अपने संबोधन के अंत में, प्रधानमंत्री ने सिक्किम के विकास की गति को तेज करने और ‘विकसित भारत’ के स्वप्न को साकार करने में सामूहिक प्रयासों का आह्वान किया।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी ने गंगटोक में 4,000 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। ये परियोजनाएं बुनियादी ढांचे, संपर्क, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, बिजली, शहरी विकास, पर्यावरण, पर्यटन और कृषि जैसे क्षेत्रों से जुड़ी हैं। इनका उद्देश्य सिक्किम में समग्र और समावेशी विकास को गति देना है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में नामची के यांगगांग में 100 बिस्तरों वाले आयुर्वेद अस्पताल और एनआईटी देवराली में 30 बिस्तरों वाले सोवा रिग्पा अस्पताल की आधारशिला और उद्घाटन किया गया। शिक्षा क्षेत्र में सिक्किम विश्वविद्यालय परिसर, मेडिकल कॉलेज, व्यावसायिक कॉलेज और मॉडल स्कूलों सहित कई संस्थानों का उद्घाटन हुआ तथा 160 स्कूलों में आईटी अवसंरचना शुरू की गई।
कनेक्टिविटी के तहत तीस्ता नदी पर दो पुलों की आधारशिला रखी गई और सड़कों के उन्नयन का कार्य शुरू हुआ। बिजली, शहरी विकास और आवास परियोजनाओं का उद्घाटन हुआ। पर्यावरण संरक्षण के लिए सीवरेज और प्रदूषण नियंत्रण परियोजनाएं शुरू की गईं। पर्यटन, तीर्थ और कृषि क्षेत्र में भी नई परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया।
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