प्रधानमंत्री की यात्रा का सिक्किम के लिए भावनात्मक महत्व है : प्रेम सिंह तमांग

गंगटोक : सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने आज कहा कि राज्य की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी और लगातार मिल रहे समर्थन से आश्वस्त महसूस करती है। उन्होंने गंगटोक में राज्य के 50वें स्थापना दिवस समारोह के समापन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।

वरिष्ठ नेताओं, जन प्रतिनिधियों और हजारों लोगों की मौजूदगी में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में सीएम तमांग ने प्रधानमंत्री मोदी को एक दूरदर्शी नेता बताया और कहा कि प्रधानमंत्री की यह यात्रा इस हिमालयी राज्य के लिए गहरा भावनात्मक महत्व रखती है। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूदगी के लिए प्रधानमंत्री और राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर के साथ मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और अन्य गणमान्य लोगों का स्वागत किया।

अपने भाषण में, राज्य की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान पर प्रकाश डालते हुए सीएम तमांग ने कहा कि सिक्किम कंचनजंगा की मौजूदगी और गुरु रिम्पोछे की शिक्षाओं से धन्य है। उन्होंने कहा कि स्वर्ण जयंती समारोह के दौरान प्रधानमंत्री की मेजबानी करना यहां के लोगों के लिए गर्व की बात है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि खराब मौसम के कारण जब पीएम मोदी व्यक्तिगत रूप से राज्य का दौरा नहीं कर पाए थे, तब उन्होंने पहले एक स्थापना दिवस से जुड़े कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से हिस्सा लिया था। उन्होंने कहा, आपकी गरिमामयी उपस्थिति ने उस पल को पूर्णता प्रदान की है और उसे सार्थक बनाया है।

इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने पीएम को देश के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि लोकतांत्रिक निरंतरता और राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पण को दर्शाती है। मोदी के नेतृत्व ने भारत की वैश्विक स्थिति को मजबूत किया है और जनता के विश्वास को बढ़ाया है।

वहीं, केंद्र सरकार के “सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास” नारे का जिक्र करते हुए, सीएम तमांग ने कहा कि इस दृष्टिकोण ने समावेशी विकास को बढ़ावा देने के साथ ही यह सुनिश्चित किया है कि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुंचे। उन्होंने महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित पहलों की भी सराहना की, जिसमें “प्राइड ऑफ द हिल्स” पहल शामिल है।

सीएम तमांग ने पहाड़ी राज्यों से जुड़ी विशिष्ट चिंताओं को भी उठाते हुए कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, कम जनसंख्या घनत्व, दुर्गमता और सीमित राजस्व सृजन क्षमता जैसी चुनौतियों की ओर इशारा किया, जो अक्सर विकास की राह में बाधा बनती हैं। इस संदर्भ में, उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया कि उन्होंने सिक्किम को “बौद्ध सर्किट” पहल में शामिल किया है, जिसका उद्देश्य बौद्ध विरासत स्थलों तक पर्यटन और कनेक्टिविटी को बढ़ावा देना है।

इसके अतिरिक्त, सतत विकास पर जोर देते हुए सीएम तमांग ने कहा कि सिक्किम ने लगातार पर्यावरण के अनुकूल और संतुलित विकास को बढ़ावा दिया है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि 2016 में यह राज्य भारत का पहला पूर्णत: जैविक राज्य बना और आज भी पर्यावरण-अनुकूल नीतियों तथा जैविक कृषि को बढ़ावा देने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार पर लोगों के भरोसे को दोहराते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के समर्थन ने नागरिकों के बीच आत्मविश्वास को मजबूत किया है और यह सुनिश्चित किया है कि राज्य की चिंताओं और आकांक्षाओं को राष्ट्रीय विकास योजनाओं में जगह मिले। सीएम तमांग ने कहा, हम आपको भरोसा दिलाते हैं कि आज यहां आपकी मौजूदगी, सुरक्षा और आश्वासन का प्रतीक है।

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