पीएम के संबोधन पर खड़गे का हमला, कहा- तथ्यों से परे, राजनीतिक भाषण बना राष्ट्र संदेश

'आरक्षण को परिसीमन से जोड़ना गलत'

नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र संबोधन को लेकर कांग्रेस ने तीखा हमला बोला है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा पीएम का संबोधन तथ्यों से परे है। साथ ही ये आरोप लगाया कि पीएम ने सरकारी मंच का इस्तेमाल राजनीतिक भाषण के लिए किया और विपक्ष पर बेबुनियाद आरोप लगाए।

मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में महिलाओं के मुद्दों से ज्यादा पार्टी राजनीति पर ध्यान दिया। पार्टी का दावा है कि महिला आरक्षण पर कांग्रेस का रुख हमेशा स्पष्ट रहा है और उसने 2010 में राज्यसभा में बिल पास कराया था तथा 2023 के कानून का भी समर्थन किया। विपक्षी पार्टी ने मांग की कि मौजूदा 543 लोकसभा सीटों में ही 33 प्रतिशत महिला आरक्षण तुरंत लागू किया जाए। साथ ही परिसीमन और महिला आरक्षण को अलग रखने की बात कही। पार्टी ने सरकार पर महिलाओं के मुद्दों पर विफल रहने और देश को गुमराह करने का आरोप भी लगाया।

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी पर पलटवार करते हुए कहा कि एक ‘हताश और निराश’ प्रधानमंत्री ने चुनाव आचार संहिता लागू होने के बावजूद राष्ट्र के संबोधन को राजनीतिक भाषण में बदल दिया।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स पर कहा, पिछले 12 वर्षों में दिखाने के लिए कुछ खास न होने के कारण प्रधानमंत्री ने राष्ट्र के नाम संबोधन को ‘कीचड़ उछालने और झूठ से भरा’ राजनीतिक भाषण बना दिया। उन्होंने कहा कि चुनाव आचार संहिता पहले से लागू है और प्रधानमंत्री ने सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कर अपने विरोधियों पर हमला किया, जो लोकतंत्र और संविधान के खिलाफ है।

खड़गे ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कांग्रेस का 59 बार जिक्र किया, जबकि महिलाओं का नाम बहुत कम बार लिया, जिससे उनकी प्राथमिकताएं साफ हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के मुद्दे भाजपा की प्राथमिकता नहीं हैं।

उन्होंने यह भी कहा, कांग्रेस हमेशा से महिला आरक्षण की समर्थक रही है। 2010 में कांग्रेस ने राज्यसभा में महिला आरक्षण विधेयक पारित कराया था। उन्होंने कहा कि 2023 में भाजपा की ओर से लाए गए विधेयक का भी कांग्रेस ने समर्थन किया था और वह विधेयक अभी भी लंबित है। खड़गे ने कहा, 16 अप्रैल को जब लोकसभा में परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन विधेयकों पर चर्चा हो रही थी, उसी दौरान इस विधेयक को अधिसूचित किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि अपने ही विधेयक को लागू करने में भाजपा को तीन साल लग गए, जो महिलाओं के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा कि वह देश को गुमराह करना बंद करें और 2023 के कानून के तहत मौजूदा 543 लोकसभा सीटों में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण तुरंत लागू करें। उन्होंने यह भी कहा कि परिसीमन विधेयक और महिला आरक्षण विधेयक को मिलाकर पेश करना गलत है। खड़गे ने आरोप लगाया कि यह केवल परिसीमन का विधेयक था, जिसका मकसद चुनावी माहौल को इस तरह बदलना है, जिससे भाजपा को फायदा हो सके। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री को 140 करोड़ भारतीयों से माफी मांगनी चाहिए।

उन्होंने कहा, कांग्रेस हमेशा सुधारों के पक्ष में रही है और हरित क्रांति, श्वेत क्रांति, अंतरिक्ष क्षेत्र, परमाणु शक्ति, 1991 के आर्थिक सुधार, आधार, आरटीआई, आरटीई, खाद्य सुरक्षा कानून और मनरेगा जैसे बड़े कदम कांग्रेस सरकारों ने उठाए। कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी ने महिलाओं के लिए कई अहम कानून बनाए। इनमें हिन्दू कोड बिल, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न कानून, घरेलू हिंसा कानून और न्यायमूर्ति वर्मा समिति की सिफारिशों के बाद आपराधिक कानून में सुधार शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का रवैया महिलाओं के खिलाफ रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास हाथर, उन्नाव, हरियाणा की महिला पहलवानों और बिलकिस बानो जैसे मामलों पर कोई जवाब नहीं है।

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