गेजिंग : गेजिंग ज़िले में मैनुअल स्कैवेंजर्स के रूप में रोजगार के निषेध एवं उनके पुनर्वास अधिनियम, 2013 तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर पहली त्रैमासिक बैठक आज ज़िला प्रशासनिक केंद्र (डीएसी), गेजिंग के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त ज़िला दंडाधिकारी (गेजिंग) सुरेश राई ने की। इस बैठक में विभिन्न प्रमुख हितधारकों ने भाग लिया, ताकि ज़िले में कानूनों के प्रवर्तन तंत्र को मज़बूत, सक्रिय और संवेदनशील बनाते हुए कमजोर वर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गेजिंग सोनम डब्ल्यू भूटिया, उप मंडल दंडाधिकारी (मुख्यालय) अग्नि प्रसाद छेत्री, समाज कल्याण विभाग के कल्याण अधिकारी रोशन शर्मा, ग्रामीण विकास विभाग के उप निदेशक बी.बी. थाटल, नगर विकास विभाग के बाज़ार अधिकारी डीआर शर्मा, गेजिंग नगर पंचायत एवं समाज कल्याण विभाग के अधिकारी तथा विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान ज़िले में प्रवर्तन तंत्र को और अधिक सशक्त बनाने तथा कमजोर समुदायों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। निगरानी प्रणाली को मजबूत करने और दोनों अधिनियमों के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
अपने संबोधन में एडीएम राई ने ज़िले में लागू कानूनों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने हितधारकों को निर्देश दिया कि मैनुअल स्कैवेंजिंग से जुड़े मामलों को शीघ्रता और गंभीरता से निपटाया जाए। राई ने यह भी स्पष्ट किया कि ज़िले में मैनुअल स्कैवेंजिंग पूरी तरह प्रतिबंधित है और इसके उल्लंघन की किसी भी स्थिति में कड़ी सज़ा का प्रावधान है। उन्होंने संबंधित विभागों को सतर्क रहने और कानून के प्रावधानों का पूरी निष्ठा से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भूटिया ने अधिनियमों में निहित कानूनी प्रावधानों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना पुलिस की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने विभागों के बीच बेहतर समन्वय और मामलों के निपटान में सतर्कता बनाए रखने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
बैठक की शुरुआत में कल्याण अधिकारी रोशन शर्मा ने दोनों अधिनियमों के उद्देश्यों और प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने मैनुअल स्कैवेंजिंग की पहचान और प्रभावित व्यक्तियों के पुनर्वास के लिए सरकारी योजनाओं के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया। साथ ही, उन्होंने एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 तथा लाभार्थियों के लिए उपलब्ध कल्याणकारी योजनाओं का भी संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया। बैठक का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि ज़िले में गरिमा, समानता और न्याय के सिद्धांतों को बनाए रखते हुए दोनों अधिनियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
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