गंगटोक : सिक्किम की राजधानी गंगटोक में पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग की टीम ने शनिवार को 18वें माइल स्थित कैलाश मानसरोवर यात्रा अक्लिमेटाइजेशन सेंटर-1 का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण में पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग के सचिव नीरज प्रधान, पीसीई शांति तमांग तथा सिक्किम टूरिज्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के प्रधान मुख्य कार्यकारी अधिकारी ग्युरमी यूसल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी एवं परियोजना से जुड़े ठेकेदार उपस्थित थे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह अक्लिमेटाइजेशन सेंटर 2.02 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है और समुद्र तल से लगभग 10 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है। परियोजना की कुल लागत 4,223 लाख रुपये बताई गई है। इस परियोजना को भारत सरकार के विकासोन्मुख पूर्वोत्तर क्षेत्र मंत्रालय द्वारा वित्तपोषित किया गया है, जबकि इसका कार्यान्वयन सिक्किम सरकार के पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग द्वारा किया गया। परियोजना का निर्माण कार्य 14 फरवरी 2018 को प्रारंभ हुआ था, जिसे 28 फरवरी 2026 को पूर्ण कर लिया गया। केंद्र में चार दो-बेड वाले आवासीय इकाइयां तथा दो पांच-बेड वाले आवासीय इकाइयां बनाई गई हैं। इसके अलावा यहां चिकित्सालय कक्ष, भोजनालय सह रसोईघर तथा कार्यालय सह चिकित्सा कक्ष की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
केंद्र में कुल 126 यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। निरीक्षण के दौरान कैलाश पर्वत की यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षित यात्रा हेतु स्थल पर विशेष पूजा-अर्चना भी आयोजित की गई। विभागीय जानकारी के अनुसार, इस वर्ष नाथुला मार्ग से 50-50 यात्रियों के कुल 10 दल कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए गुजरेंगे। यात्रा के लिए पंजीकरण प्रक्रिया 19 मई तक जारी रहेगी।
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