सम्राट चौधरी के ‘नो व्हीकल डे’ का असर, डीएम ई-रिक्शा से पहुंचीं ऑफिस

हाजीपुर । बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के ‘नो व्हीकल डे’ के आह्वान का असर शनिवार को वैशाली में दिखा। जिलाधिकारी वर्षा सिंह समेत कई अधिकारी पैदल और ई-रिक्शा से अपने कार्यालय पहुंचे। समाहरणालय परिसर में वाहन पार्किंग स्थल खाली रहा। जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने वैशाली जिला वासियों से अपील की कि वे सरकार के इस आह्वान का पालन करें। उन्होंने कहा कि सप्ताह में एक दिन ई-रिक्शा, पैदल या साइकिल से कार्यालय आएं।

मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश है कि ईंधन का कम से कम उपयोग किया जाए और सप्ताह में एक दिन ‘नो फ्यूल डे’ मनाया जाए। जिलाधिकारी स्वयं अपने आवास से त्रिमूर्ति चौक तक ई-रिक्शा से आईं और वहां से गांधी चौक होते हुए अधिकारियों के साथ पैदल कार्यालय पहुंचीं।

यह निर्णय मध्य-पूर्व क्षेत्र में उत्पन्न भू-राजनीतिक परिस्थितियों के कारण लिया गया है। इन परिस्थितियों के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गैस और पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है।

इसी को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने डीजल-पेट्रोल की बचत के लिए वाहनों का कम उपयोग करने और सप्ताह में एक दिन ‘नो व्हीकल डे’ मनाने का आह्वान किया था।

मुख्यमंत्री की अपील के बाद शनिवार को जिलाधिकारी वर्षा सिंह के साथ एडीएम संजय कुमार, डीडीसी कुंदन कुमार और एसडीओ राम बाबू बैठा सहित कई अन्य अधिकारी-कर्मचारी भी ई-रिक्शा, साइकिल या पैदल कार्यालय पहुंचे। अधिकारियों और कर्मचारियों के वाहन न होने के कारण समाहरणालय परिसर का पार्किंग स्थल पूरी तरह खाली रहा।

जिलाधिकारी ने बताया कि प्रत्येक शनिवार को सभी अधिकारी और कर्मचारी ईंधन की बचत करते हुए कार्यालय आएंगे। उन्होंने कारपूलिंग और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को भी बढ़ावा देने की बात कही।

डीएम ने आम लोगों से भी ईंधन का कम इस्तेमाल करने, पीएम सूर्य योजना के तहत सोलर प्लांट लगाने और पीएनजी गैस कनेक्शन व स्वच्छ ऊर्जा संसाधनों को अपनाने की अपील की।

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