नई दिल्ली । केंद्र सरकार ने नीट-यूजी परीक्षा का पेपर लीक होने की वजह से सवालों के घेरे में आई राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) में शनिवार को दो संयुक्त सचिवों और दो संयुक्त निदेशकों की नियुक्ति की। कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी एक आदेश के अनुसार, भारतीय सांख्यिकी सेवा की 1998 बैच की अधिकारी अनुजा बापट और भारतीय राजस्व सेवा (सीमा शुल्क एवं अप्रत्यक्ष कर) की 2004 बैच की अधिकारी रुचिता विज पांच साल के लिए एनटीए में संयुक्त सचिव होंगी।
मंत्रालय ने एक अलग आदेश में कहा कि भारतीय राजस्व सेवा (आयकर) के अधिकारी आकाश जैन और भारतीय लेखापरीक्षा एवं लेखा सेवा के अधिकारी आदित्य राजेंद्र भोजगड़िया को एनटीए में संयुक्त निदेशक नियुक्त किया गया है।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) का पेपर लीक होने के प्रकरण में मामला दर्ज कर जांच के लिए टीम गठित की हैं। पेपर लीक होने के कारण तीन मई को आयोजित यह परीक्षा रद्द कर दी गई थी। देश भर में एनटीए द्वारा आयोजित इस परीक्षा के लिए लगभग 23 लाख अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था।
बता दें कि नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में अब तक 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं इस मामले में गिरफ्तार मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी और उसकी सहयोगी मनीषा वाघमारे को शनिवार को सीबीआई ने राऊज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया। दोनों आरोपियों को पुणे से गिरफ्तार किया गया था। कुलकर्णी पेशे से केमिस्ट्री का शिक्षक बताया जा रहा है।
सीबीआई के विशेष जज अजय गुप्ता की अदालत में इस मामले की सुनवाई हुई, जहां जांच एजेंसी ने दोनों आरोपियों की 14 दिनों की कस्टडी की मांग की। सुनवाई के दौरान सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि मनीषा वाघमारे, धनंजय, कुलकर्णी और मनीषा मांधरे के बीच आपसी संपर्क था। सभी इस पेपर लीक साजिश में शामिल थे। आरोपियों की कस्टडी मांगते हुए एजेंसी ने कहा कि जांच के सिलसिले में आरोपियों को देश के अन्य हिस्सों में ले जाना है, इसलिए लंबी कस्टडी की जरूरत है।
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