पांडुलिपियों के संरक्षण को लेकर जिलाधिकारी ने की बैठक

सोरेंग : सोरेंग जिले के डीसी धीरज सुबेदी की अध्यक्षता में आज ज्ञान भारतम मिशन को लेकर जिला स्तरीय स्थायी समिति की बैठक आयोजित की गई। यह मिशन भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय की एक प्रमुख पहल है, जिसकी घोषणा केंद्रीय बजट 2025-26 में की गई थी। बैठक में मिशन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।

ज्ञान भारतम मिशन का उद्देश्य देश की प्राचीन पांडुलिपियों में निहित ज्ञान धरोहर का संरक्षण, डिजिटलीकरण और प्रसार करना है, जो विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण के अनुरूप है। डीसी सुबेदी ने समिति के सदस्यों को आवश्यक अनुसंधान कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि सोरेंग जिला इस क्षेत्र में विशेष संभावनाएं रखता है। पांडुलिपियों के संरक्षण व डिजिटलीकरण पर फोकस एडीसी डीआर बिष्ट ने मिशन की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि इसका मुख्य लक्ष्य देशभर में एक करोड़ से अधिक पांडुलिपियों का सर्वेक्षण, दस्तावेजीकरण और दीर्घकालीन संरक्षण सुनिश्चित करना है।

इसके साथ ही राष्ट्रीय डिजिटल भंडार का निर्माण तथा पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों पर शोध और जागरूकता बढ़ाना भी शामिल है। उन्होंने बताया कि पांडुलिपियां ताड़पत्र, कागज, छाल, कपड़े या धातु पर लिखे हस्तलिखित दस्तावेज होते हैं, जिनकी आयु कम से कम 75 वर्ष होनी चाहिए और जिनका ऐतिहासिक, वैज्ञानिक, साहित्यिक या सांस्कृतिक महत्व हो। भारत में आयुर्वेद, गणित, खगोल विज्ञान और दर्शन जैसे विषयों से संबंधित विश्व की सबसे बड़ी पांडुलिपि धरोहरों में से एक मौजूद है। बैठक में मिशन के प्रमुख घटकों सर्वेक्षण व सूचीकरण, संरक्षण व क्षमता निर्माण, तकनीक आधारित डिजिटलीकरण, भाषाई अनुवाद, शोध एवं जन-जागरूकता पर चर्चा की गई। साथ ही एआई आधारित ट्रांसक्रिप्शन, ब्लॉकचेन के माध्यम से प्रमाणिकता सुनिश्चित करने और क्लाउड स्टोरेज जैसी उन्नत तकनीकों के उपयोग पर भी बल दिया गया।

एडीसी ने जिला स्तर पर मठों, मंदिरों, घरों और स्थानीय विद्वानों के पास मौजूद पांडुलिपियों की पहचान करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने लेप्चा और नेपाली जैसी स्थानीय भाषाओं एवं लिपियों को बढ़ावा देने तथा जनभागीदारी सुनिश्चित करने की भी अपील की। बैठक में क्लस्टर केंद्रों और स्वतंत्र केंद्रों की स्थापना तथा राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन के पुनरुद्धार जैसे संस्थागत प्रावधानों की भी समीक्षा की गई। इस अवसर पर सोरेंग के एडीसी डीआर बिष्ट, एसडीएम सुश्री एस लेप्चा, विभिन्न बीडीओ सहित जिला स्तर के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के बाद डीसी सुबेदी ने एडीसी और एसडीएम की उपस्थिति में सोरेंग जिले के बीडीओ के साथ जनगणना 2027 की तैयारियों की भी समीक्षा की। इसमें कार्यों की प्रगति और आगामी रणनीतियों पर चर्चा की गई।

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