जोरथांग : सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (एसडीएफ) पार्टी के श्रमिक प्रकोष्ठ द्वारा अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर जोरथांग स्थित गरीब उत्थान भवन में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए उपाध्यक्ष प्रभारी अरुण लिम्बू ने कहा कि यह आयोजन श्रमिकों के सम्मान, अधिकारों और उनके योगदान को मान्यता देने के उद्देश्य से किया गया है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रमिकों और पार्टी कार्यकर्ताओं की सहभागिता रही। सभा की अध्यक्षता पार्टी अध्यक्ष पवन चामलिंग ने की, जबकि इजाक लिम्बू ने सभी आमंत्रित अतिथियों और श्रमिक साथियों का स्वागत किया।
कार्यक्रम के दौरान पार्टी द्वारा सिक्किम के श्रमिकों के हित में 12 महत्वपूर्ण प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए, जिन्हें सर्वसम्मति से पारित किया गया। कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के ऐतिहासिक महत्व और प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए विभिन्न वक्ताओं ने श्रमिकों की समस्याओं और चुनौतियों पर गंभीर चर्चा की।
मुख्य अतिथि पवन चामलिंग ने विश्वभर के श्रमिकों के बलिदान को याद करते हुए शहीद वेदी पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि सिक्किम के राजनीतिक इतिहास में पहली बार एसडीएफ सरकार ने मई दिवस को सरकारी अवकाश घोषित कर श्रमिकों के सम्मान की परंपरा शुरू की थी। उन्होंने बताया कि अपने शासनकाल में उन्होंने 600 रुपये मासिक वेतन पाने वाले श्रमिकों को नियमित वेतन व्यवस्था में लाकर श्रम का सम्मान बढ़ाया। चामलिंग ने कहा कि उनकी राजनीति का मूल उद्देश्य समाज के पिछड़े, वंचित और शोषित वर्गों का उत्थान है।
उन्होंने सिक्किम की पहचान, अधिकार और स्थानीय लोगों के हितों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करने का संकल्प दोहराया। उन्होंने वर्तमान सरकार पर आरोप लगाया कि उसने नियम-कानूनों की अनदेखी कर रोजगार व्यवस्था को अस्थिर किया है, जिससे स्थानीय युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि वर्ष 2029 में यदि एसडीएफ की सरकार बनती है, तो लेबर कॉन्ट्रेक्टर सिस्टम को पूरी तरह समाप्त कर सभी श्रमिकों को सीधे कंपनी के पेरोल पर रोजगार दिया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में सोरेंग जिलाध्यक्ष ज्ञान बहादुर तमांग ने सभी उपस्थित लोगों को धन्यवाद ज्ञापित किया, जिसके साथ ही कार्यक्रम का समापन हुआ।
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