वीबी-जी रामजी योजना को लेकर एम्पावर्ड कमेटी की बैठक आयोजित

गंगटोक : केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा आज महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) तथा आगामी विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) (VB-GRAM-G) के परिवर्तन चरण को लेकर एम्पवर्ड कमेटी की बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित की गई।

इस बैठक में विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के साथ मनरेगा/वीबी-जी रामजी के क्रियान्वयन प्रदर्शन तथा योजनाओं के संक्रमण से संबंधित विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में छह राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारी शामिल हुए। सिक्किम की ओर से आरडीडी के वरिष्ठ अधिकारियों ने बैठक में भाग लिया। इनमें विशेष सचिव सह परियोजना निदेशक छिरिंग लाडेन लाचुंग्पा, संयुक्त सचिव दीपक राई, संयुक्त निदेशक (आईटी) सिसिला लामा तथा मनरेगा से जुड़े अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक के दौरान सभी भाग लेने वाले राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में योजनाओं के क्रियान्वयन की व्यापक समीक्षा की गई। राज्यों को निर्देश दिए गए कि वे निर्धारित समयसीमा के भीतर लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करें, श्रम की मांग के अनुसार नए कार्य प्रारंभ करें तथा बिना प्रशासनिक देरी के मांग के अनुसार रोजगार उपलब्ध कराएं। बैठक का एक महत्वपूर्ण हिस्सा आगामी ग्रामीण रोजगार ढांचे में सुचारु संक्रमण सुनिश्चित करने पर केंद्रित रहा।

राज्यों को निर्देशित किया गया कि वे मनरेगा के तहत चल रहे सभी कार्यों की निरंतरता बनाए रखें, नई योजना की प्राथमिकताओं जैसे जलवायु अनुकूलता और ग्रामीण अवसंरचना के अनुरूप परियोजनाओं की पर्याप्त सूची तैयार करें तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म और आधार आधारित प्रमाणीकरण प्रणाली पर पूर्ण रूप से जुड़ाव सुनिश्चित करें। इसके साथ ही राज्यों को समय पर बजट प्रावधान, वित्तीय स्वीकृति, लंबित देनदारियों के समायोजन तथा भारत सरकार के साथ समन्वय बनाकर समय पर धनराशि प्राप्त करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में सिक्किम ने अवगत कराया कि राज्य ने पिछले माह अधिक बजट आवंटन का अनुरोध किया था, लेकिन श्रम मांग कम होने (लीन सीजन) के कारण पूर्ण उपयोग संभव नहीं हो सका। यह भी बताया गया कि इंजीनियरिंग आपूर्तिकर्ताओं का पैनल वार्षिक नवीनीकरण के अधीन होने के कारण समाप्त हो गया है, जिसके विस्तार हेतु प्रस्ताव शुरू किया जा चुका है। अधिकारियों ने बताया कि समुदाय आधारित कार्यों के प्रस्तावित क्रियान्वयन के लिए आपूर्तिकर्ताओं का पुनः पंजीकरण आवश्यक है। इन कदमों के साथ राज्य ने आने वाले महीनों में प्रदर्शन और उपयोगिता में सुधार का भरोसा जताया।

बैठक के अंत में ग्रामीण विकास मंत्रालय ने सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से संक्रमण की तैयारियों को तेज करने का आह्वान किया। बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 ग्रामीण रोजगार के क्षेत्र में संक्रमण वर्ष होगा, जब मनरेगा को धीरे-धीरे विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी रामजी) में समाहित किया जाएगा। सशक्त समिति ने इस बात पर जोर दिया कि यह बदलाव पूरी तरह निर्बाध हो, मजदूरी आधारित रोजगार में कोई व्यवधान न आए और सभी स्तरों पर समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

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