गंगटोक : सिक्किम के लोअर साम्दोंग में मंगलवार को प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत देश के पहले पीएम विश्वकर्मा स्टॉल का उद्घाटन किया गया। राकदोंग तिनतेक प्रखंड विकास कार्यालय की ओर से वाणिज्य एवं उद्योग विभाग तथा गंगटोक एमएसएमई विकास कार्यालय के सहयोग से स्थानीय एनएचपीसी सेमिनार हॉल में आयोजित कार्यक्रम का विषय ‘कारीगरों का सशक्तिकरण, विरासत का संरक्षण और स्थानीय उद्यमों को बढ़ावा’ रखा गया था।
कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक एवं एसटीसीएस अध्यक्ष साम्दुप भूटिया मुख्य अतिथि तथा गंगटोक जिला अध्यक्ष बलराम अधिकारी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम में बताया गया कि यह देश में स्थापित होने वाला पहला पीएम विश्वकर्मा स्टॉल और इसका उद्देश्य प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना से जुड़े स्थानीय कारीगरों के उत्पादों को प्रदर्शित करने के साथ उनके विपणन के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराना है।
इस अवसर पर विधायक साम्दुप भूटिया ने कारीगरों से सरकार की विभिन्न योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय कारीगरों को उत्पादन बढ़ाने के साथ ब्रांडिंग और ग्रामीण विपणन पर विशेष ध्यान देना होगा। पारंपरिक उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने और स्थानीय समुदाय को इनके संरक्षण से जोड़ने की भी जरूरत है। उन्होंने कारीगरों को सरकारी प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेकर अपने कौशल को बेहतर बनाने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। साथ ही युवाओं और उद्यमियों से सिक्किम की जैविक पहचान का लाभ उठाकर स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने की अपील की।
वहीं, जिला अध्यक्ष बलराम अधिकारी ने कम समय में स्टॉल तैयार करने और परिसर के नवीनीकरण के लिए आयोजन से जुड़े अधिकारियों एवं कारीगरों की सराहना की। उन्होंने कहा कि वाणिज्य एवं उद्योग विभाग प्रशिक्षण, उपकरण, ऋण और विपणन के माध्यम से कारीगरों को सहयोग दे रहा है। उन्होंने कारीगरों को नए उत्पाद विकसित करने और पूरे भारत में व्यापक बाजारों तक पहुंचने के लिए सरकारी सहायता का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया।
उन्होंने उम्मीद जतायी कि यह स्टॉल युवाओं के लिए भी स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता का माध्यम बन सकता है तथा विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में योगदान दे सकता है।
वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के एमएसएमई निदेशक एम रवि कुमार ने बताया कि पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत 18 पारंपरिक पारिवारिक व्यवसायों से जुड़े कारीगरों को व्यापक सहायता दी जा रही है। योजना में तीन लाख रुपये तक का बिना गारंटी ऋण, कौशल प्रशिक्षण के दौरान प्रतिदिन 500 रुपये की सहायता और 15 हजार रुपये का टूलकिट प्रोत्साहन उपलब्ध है।
इसके अलावा, एमएसएमई-डीएफओ के सहायक निदेशक ग्रेड-1 निर्मल चौधरी ने कहा कि लोअर साम्दोंग का यह स्टॉल सिक्किम ही नहीं, बल्कि पूरे देश का पहला पीएम विश्वकर्मा स्टॉल है। उन्होंने इसे पर्यटक आकर्षण के रूप में विकसित करने का सुझाव दिया, ताकि स्थानीय कारीगरों और उनके उत्पादों को व्यापक पहचान मिल सके। कार्यक्रम के दौरान पांच लाभार्थियों एवं कारीगरों को मान्यता और आवंटन पत्र प्रदान किए गए। मुख्य अतिथि ने स्टॉल का निरीक्षण कर कारीगरों से बातचीत भी की।
कार्यक्रम में पंचायत प्रतिनिधि, डीआईसी गंगटोक के अधिकारी, स्थानीय युवा, कारीगर, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के अधिकारी सहित विभिन्न हितधारक मौजूद रहे।
No Comments: