राजेश अलख
नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देशवासियों को संबोधित किया। इस दौरान पीएम ने नारी शक्ति वंदन विधेयक 2026 के लोकसभा में पारित न हो पाने को लेकर विपक्षी दलों पर निशाना साधा। पीएम ने खास तौर पर चार दलों- कांग्रेस, द्रविड़ मुनेत्र कझगम (डीएमके), तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), समाजवादी पार्टी (सपा) का बार-बार नाम लेकर उन्हें घेरा। खासकर महिला सशक्तीकरण के लिए लाए गए विधेयक को परिसीमन के साथ जोड़ने और इसके बाद मुद्दे को दक्षिण भारत पर केंद्रित करने के लिए कांग्रेस-डीएमके पर निशाना साधा।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, कांग्रेस और उसके सहयोगी दल परिसीमन पर लगातार झूठ बोल रहे हैं। वे इस तरह विभाजन की आग को सुलगाना चाहते हैं, क्योंकि बांटो और राज करो। कांग्रेस यह राजनीति अंग्रेजों से विरासत में सीख कर आई है और उसी के सहारे आज भी चल रही है। कांग्रेस ने हमेशा देश में दरार पैदा करने वाली भावनाओं को हवा दी है। इसलिए यह झूठ फैलाया गया कि परिसीमन से कुछ राज्यों को नुकसान होगा, जबकि सरकार ने पहले दिन से स्पष्ट किया है कि न किसी राज्य की भागीदारी का अनुपात बदलेगा, न किसी का प्रतिनिधित्व कम होगा, बल्कि सभी राज्यों की सीटें समान अनुपात में बढ़ेंगी।
पीएम मोदी ने आगे कहा, सरकार के आश्वासन के बावजूद कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और सपा जैसे दल इसे मानने के लिए तैयार नहीं हुए। यह संशोधन विधेयक सभी दलों के लिए एक मौका था। अगर यह पारित होता तो तमिलनाडु, बंगाल, यूपी सभी राज्यों की सीटें बढ़तीं। लेकिन अपनी स्वार्थी राजनीति के लिए इन राज्यों ने अपने लोगों को भी धोखा दे दिया। डीएमके के पास मौका था कि वह और ज्यादा तमिल लोगों को सांसद बना सकती थी और तमिल लोगों की आवाज मजबूत कर सकती थी। टीएमसी के पास भी बंगाल के लोगों को आगे बढ़ाने का मौका था, लेकिन उन्होंने यह मौका गंवा दिया।
पीएम मोदी ने इसके साथ ही उत्तर प्रदेश में भाजपा के प्रमुख विपक्षी दल- सपा को भी घेरा। पीएम मोदी ने कहा, सपा के पास भी मौका था, कि वह महिला विरोधी होने के दाग को धो सके, लेकिन उसने भी मौका गंवा दिया। सपा पहले ही लोहिया जी को भूल चुकी है। लेकिन अब नारी शक्ति विधेयक का विरोध कर के उसने लोहिया जी के सपनों को पैरों तले रौंद दिया है। यह यूपी और देश की महिलाएं कभी नहीं भूलेंगी।
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