चेन्नई । एआईएडीएमके के वरिष्ठ नेता एस सेम्मालाई ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने पार्टी महासचिव ए पलानीस्वामी को भेजे अपने इस्तीफा पत्र में पार्टी के भीतर जारी टूट और हालिया घटनाक्रमों पर गहरी नाराजगी और पीड़ा जताई। सेम्मालाई ने पार्टी नेताओं से अहंकार त्यागकर पार्टी को मजबूत करने की अपील की।
सेम्मलाई ने लिखा, चुनाव के बाद एआईएडीएमके में जो घटित हो रहा है, उसने मुझे गहरे मानसिक आघात में डाल दिया है। क्या क्रांतिकारी नेता एम. जी. रामचंद्रन द्वारा बनाई गई और क्रांतिकारी नेता जे. जयललिता द्वारा संरक्षित इस आंदोलन की यही नियति है? उन्होंने भावुक अंदाज में कहा, ‘कपूर घुल सकता है, लेकिन क्या कोई पार्टी भी घुल सकती है? यह सोचकर दिल दुखता है, सचमुच बहुत दुखता है।’ सेम्मलाई ने आगे कहा कि वह खेद के साथ अपने पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं।
सेम्मालाई ने पलानीस्वामी को अपना इस्तीफा पत्र सौंपने के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि नेताओं के अहंकार और संगठन के भीतर स्वस्थ चर्चा के अभाव के कारण पार्टी लगातार कमजोर हो रही है। उन्होंने कहा कि नेताओं को अपना अहंकार त्यागकर पार्टी को मजबूत करने के लिए काम करना चाहिए। सेम्मालाई ने किसी अन्य राजनीतिक दल में शामिल होने की संभावनाओं को खारिज कर दिया। सेम्मालाई का यह बयान ऐसे समय सामने आया है, जब हाल ही में एआईएडीएमके के बागी विधायकों समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने टीवीके को समर्थन देने का एलान किया है।
No Comments: