एक ही दिन में डिजिटल ठगी के चार मामले दर्ज

गंगटोक : सिक्किम में हाल के दिनों में डिजिटल वित्तीय अपराधों की एक लहर सी आ गई है, जिसने पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों को चिंतित कर दिया है। बीते 13 अप्रैल को ही चार अलग-अलग मामले सामने आए, जिसके बाद अधिकारियों को एक जरूरी सार्वजनिक चेतावनी जारी करनी पड़ी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पहले मामले में नामची जिले के लिंगमू के एक निवासी को “फास्ट लोन ऐप” नामक एक मोबाइल ऐप के जरिए धोखाधड़ी का शिकार होना पड़ा। जालसाजों ने पीड़ित से कई “प्रोसेसिंग फीस” के नाम पर कुल मिलाकर हजारों रुपए ठग लिए और उसके बाद उससे सारा संपर्क तोड़ लिया। इस संबंध में, एनसीआर पोर्टल पर संख्या 32804260000229 के तहत एक औपचारिक शिकायत दर्ज कर मामले को यांगांग थाने को सौंप दिया गया है।

वहीं, एक अन्य घटना में पाकिम जिले में रोंगली के एक निवासी को प्लेस्टोर से एक लोकप्रिय ई-कॉमर्स ऐप जैसा दिखने वाला ऐप डाउनलोड करने के बाद 12,000 रुपए का नुकसान हुआ। ऐप इंस्टॉल करने के कुछ ही समय बाद पीड़ित ने देखा कि उनके बैंक खाते से कई अनाधिकृत यूपीआई लेन-देन हुए हैं जिससे उनका खाता खाली हो गया। यह समझने पर कि वह ऐप एक नकली क्लोन था जिसे वित्तीय डेटा चुराने के लिए बनाया गया था, पीड़ित ने एक शिकायत (एनसीआरपी-32804260000231) दर्ज कराई और उन्हें रंगेली थाने से आगे की मदद लेने की सलाह दी गई।

गेजिंग जिले में भी एक बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया, जिसमें कालूक का एक निवासी एसएमएस फिशिंग फर्जीवाड़े का शिकार हो गया। पीड़ित को एक नकली मैसेज मिला जिसमें दावा किया गया था कि उनके एञ्चिसस बैंक के रिवॉर्ड पॉइंट खत्म होने वाले हैं। यह कहकर उन्हें उन पॉइंट को रिडीम करने के लिए एक नकली वेबपेज पर भेजा गया। साइट पर अपने कार्ड की जानकारी डालने के बाद पीड़ित के खाते से तुरंत 56,506 रुपए काट लिए गए। इसके बाद, पीडि़त ने 1930 साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर तुरंत कॉल कर अपने कार्ड को ब्लॉक करवाया और घटना को लेकर कालूक थाने में केस दर्ज किया गया।

इसके अलावा, पाकिम जिले के रेनाक के एक निवासी ने एक बहुत ही चालाकी भरा “डिलीवरी स्कैम” होने की सूचना दी। एक असली ऑनलाइन ऑर्डर का इंतजार करते समय पीड़ित से कुछ लोगों ने संपर्क किया जिन्होंने खुद को डिलीवरी एजेंट बताया। उन्होंने भुगतान रकम को लेकर पैदा हुई गलतफहमी का फायदा उठाकर पीड़ित से बकाया रकम दो बार वसूल ली। धोखेबाजों ने दावा किया कि पहला भुगतान गलत था और रिफंड का वादा किया, जो कभी नहीं मिला। आधिकारिक वेबसाइट से यह वेरिफाई करने के बाद कि ऑर्डर अभी भी दिल्ली से रास्ते में है, पीड़ित ने 1930 हेल्पलाइन पर इस धोखाधड़ी की रिपोर्ट की। यह मामला, जो एकनॉलेजमेंट नंबर 32804260000233 के तहत दर्ज किया गया है, अब रेनॉक पुलिस स्टेशन द्वारा संभाला जा रहा है।

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