AI तकनीक और हाईटेक उपकरणों से लैस होगी बिहार फायर सर्विस, सम्राट चौधरी ने किया उद्घाटन

पटना । मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार अग्निशमन सेवा के सुदृढ़ीकरण हेतु राज्य के अग्निशामालयों के लिए क्रय किए गए 80 नए अत्याधुनिक अग्निशमन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित आधुनिक अग्निशमन नियंत्रण कक्ष का रिमोट के माध्यम से उद्घाटन भी किया। बिहार अग्निशमन सेवा द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का मुख्यमंत्री ने अवलोकन किया। अवलोकन के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित अग्निशामक यंत्रों एवं उपकरणों, जैसे न्यूमेटिक एयर लिफ्टिंग बैग, सिंगल एक्टिंग कॉम्पैक्ट हाइड्रोलिक डोर ओपनर, सेल्फ कंटेन्ड ब्रीदिंग एपरेटस, हाइड्रोलिक डी-वॉटरिंग पंप, कूलिंग वेस्ट, हाई प्रेशर पोर्टेबल पंप, पावर शोरिंग सिस्टम, रिमोट एरिया लाइटिंग (65000 ल्यूमेंस), मल्टी गैस डिटेक्टर, बैटरी ऑपरेटेड मिनी कटर, स्मोक एग्जॉस्टर आदि के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अग्निशमन सेवा से जुड़े सभी जवान वीर योद्धा हैं, क्योंकि वे आपदा की घड़ी में पूरी तत्परता के साथ दूसरों का जीवन बचाने का कार्य करते हैं, ताकि आपदा विपदा न बने। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आप सभी वीर योद्धाओं के रूप में जाने जाते हैं। अग्निकांड से घिरे प्रत्येक व्यक्ति के जीवन की रक्षा करना ही आपका मूल उद्देश्य है। आपदा की सूचना मिलते ही आप सभी पूरी मुस्तैदी के साथ बचाव कार्य में जुट जाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने न्याय के साथ सभी क्षेत्रों में विकास कार्य किया है, जिसे और आगे बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। आज इस कार्यक्रम के माध्यम से 80 नए अग्निशमन वाहनों का लोकार्पण किया गया है, जो पूरे प्रदेश में विशेषकर अग्निकांड जैसी आपदाओं से बचाव में अहम भूमिका निभाएंगे। बिहार अग्निशमन सेवा से वर्तमान में 8000 से अधिक प्रशिक्षित जांबाज जवान जुड़े हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य अग्निकांड से जूझ रहे लोगों की हर हाल में सुरक्षा करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एआई का दौर है और इसे ध्यान में रखते हुए बिहार अग्निशमन सेवा में भी इसके उपयोग की शुरुआत की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराधियों को पुलिस उन्हीं की भाषा में जवाब दे रही है और पुलिस को पूरी स्वतंत्रता दी गई है। बिहार सुशासन वाला राज्य है और इसे हर हाल में बनाए रखना है। उन्होंने सभी विभागों से विकास कार्यों में एआई तकनीक का उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि किसी विकास कार्य का अनुमानित खर्च एक लाख रुपये है और उसमें एआई तकनीक का उपयोग किया जाता है, तो 5 से 6 प्रतिशत तक लागत में कमी संभव है। उन्होंने निर्देश दिया कि कोई भी विभाग एआई से जांच कराए बिना किसी इस्टिमेंट को स्वीकृति न दे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आबादी में बिहार की हिस्सेदारी लगभग 10 प्रतिशत है और यहां की जनसंख्या करीब 14 करोड़ है। बिहार एक आपदा प्रभावित राज्य है, जहां अग्निकांड, बाढ़ और भूकंप जैसी आपदाएं आती रहती हैं। ऐसी स्थिति में बिहार अग्निशमन सेवा के जवान पूरी तत्परता के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं। उन्होंने कहा कि जवानों ने अपने प्रदर्शन के माध्यम से अपनी कार्यकुशलता, दक्षता और क्षमता का परिचय दिया है, जिनमें हमारी बहनें भी शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के किशनगंज में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) का प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने आग्रह किया कि गया में बन रहे इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में भी सीआईएसएफ का एक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की दिशा में पहल की जाए। उन्होंने कहा कि बिहार तेजी से विकसित हो रहा है और इसे और समृद्ध बनाने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं, ताकि लोग आर्थिक रूप से अधिक संपन्न और खुशहाल हो सकें। बिहार से बाहर रह रहे लोगों से भी उन्होंने आग्रह किया कि वे वापस बिहार आएं और यहां उद्योग-धंधे स्थापित कर राज्य को समृद्ध बनाने में अपनी भूमिका निभाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में बड़े पैमाने पर निवेश करने की इच्छा से उद्योगपति लगातार यहां आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पद संभाले उन्हें अभी एक माह तीन दिन हुए हैं और नई सरकार के गठन के एक वर्ष पूर्ण होने तक, यानी 20 नवंबर 2026 तक बिहार में 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के सभी पंचायतों में कल से सहयोग शिविर कार्यक्रम की भौतिक शुरुआत होने जा रही है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं कल सोनपुर प्रखंड के एक पंचायत में आयोजित सहयोग शिविर में शामिल होकर वहां की गतिविधियों का जायजा लेंगे। पंचायत स्तर पर आयोजित सहयोग शिविरों में प्राप्त आवेदनों का 30 दिनों के भीतर हर हाल में निपटारा करना होगा, अन्यथा 31वें दिन संबंधित अधिकारी स्वतः निलंबित माने जाएंगे।

उन्होंने कहा कि आवेदन प्राप्त होने के 10 दिनों के भीतर संबंधित अधिकारी को उसके निष्पादन हेतु नोटिस जारी किया जाएगा। 20वें दिन पुनः नोटिस जारी कर प्रगति की जानकारी ली जाएगी तथा 30 दिनों के भीतर हर हाल में आवेदन के निष्पादन का आदेश जारी करना होगा। न्यायालय से संबंधित मामलों को छोड़कर किसी भी आवेदन को लंबित नहीं रखा जाएगा। ऐसा करने वाले पदाधिकारियों को मुख्यमंत्री सचिवालय से निलंबित कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा आवेदनों की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की जनता की सेवा करना सरकार का दायित्व है। बिहार के विकास के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं, ताकि लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने बिहार अग्निशमन सेवा से जुड़े जवानों को आश्वस्त किया कि उनकी सभी आवश्यकताओं को सरकार पूरा करेगी। उन्होंने कहा कि अग्निशमन सेवा के जवान केवल सेवा ही नहीं कर रहे, बल्कि लोगों का जीवन बचाने का कार्य कर रहे हैं।

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