पाकिम : ‘स्वच्छ मछली प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन, कोल्ड चेन और बाजार संपर्क सहयोग’ विषय पर तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आज नामचेबुंग जीपीके हॉल, पाकिम में संपन्न हुआ।
इस प्रशिक्षण का आयोजन राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड (एनएफडीबी), गुवाहाटी के पूर्वोत्तर क्षेत्रीय केंद्र द्वारा, भारत सरकार के मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय के अंतर्गत, सिक्किम सरकार के मत्स्य विभाग के सहयोग से किया गया।
प्रशिक्षण में अनुसूचित जाति वर्ग के 25 प्रतिभागियों को मछली से मूल्यवर्धित उत्पाद बनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया, जिससे उन्हें स्थायी आजीविका के अवसर मिल सकें। कार्यक्रम में आईटी विभाग के ओएसडी बुम छिरिंग योंजन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की जिला सूचना अधिकारी डिकी डी भूटिया और जिला मत्स्य विकास अधिकारी गौरी मुखिया भी मौजूद थीं।
अपने संबोधन में बुम छिरिंग योंजन ने किसानों को सशक्त बनाने के लिए विभाग के प्रयासों की सराहना की और प्रशिक्षुओं को सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा करने पर बधाई दी। उन्होंने उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए सीखी गई कौशलों का उपयोग करने तथा राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन भी दिया।
इस दौरान एनएफडीबी गुवाहाटी के कार्यकारी सहायक शरद एसपी ने मछली के खराब होने की प्रक्रिया और गुणवत्ता मूल्यांकन पर प्रस्तुति दी। उन्होंने सही सफाई, फसल कटाई के बाद प्रबंधन और उचित आइसिंग तकनीकों के महत्व पर भी जोर दिया। कार्यक्रम में मछली से बने विभिन्न उत्पादों जैसे फिश बॉल, फिश अचार, फिश कटलेट, प्रॉन चटनी और फिश फिंगर्स का प्रदर्शन भी किया गया।
अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए और अनुभव साझा करने का सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मत्स्य विभाग के अधिकारी और पाकिम जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिभागी भी उपस्थित रहे।
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