विरोध क्रियान्वयन का नहीं, आरक्षण का है : अमित शाह

'विपक्ष जानकर भी अनजान'

नई दिल्ली । लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन विधेयक पर हुई बहस का गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को जवाब दिया। अमित शाह ने कहा, किसी ने भी महिला आरक्षण का विरोध नहीं किया है। लेकिन, अगर हम बारीकी से देखें, तो इंडी गठबंधन के सभी सदस्यों ने ‘अगर-मगर’ का इस्तेमाल करके इसका विरोध किया है। अमित शाह ने कहा कि 2029 में महिला आरक्षण देना है तो परिसीमन करना जरूरी है। लेकिन विपक्ष सब कुछ जानते हुए अनजान बना हुआ है।

लोकसभा में महिला आरक्षण अधिनियम से संबंधित ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’, ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ और ‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026’ पर चर्चा में कुछ विपक्षी सदस्यों की विभिन्न आशंकाओं और आपत्तियों को खारिज करते हुए अमित शाह ने ये बातें कहीं।

लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, महिला आरक्षण के लिए जो संविधान संशोधन है उसका किसी ने विरोध नहीं किया। सबने कहा कि हम इसका स्वागत करते हैं, पर इंडी गठबंधन के सभी सदस्यों ने अगर, मगर, किंतु, परंतु इसका उपयोग करके स्पष्ट रूप से महिला आरक्षण का विरोध किया है। कई जगह ऐसा दिखाई दिया कि विरोध हमारे दृष्टिकोण की जगह हमारे क्रियान्वयन के तरीके से है। लेकिन मैं देश की जनता को स्पष्ट करना चाहता हूं कि यह विरोध हमारे क्रियान्वयन के तरीके का नहीं बल्कि सिर्फ और सिर्फ महिला आरक्षण का ही है।

अमित शाह ने कहा, हमारे संविधान में समय-समय पर परिसीमन का प्रावधान किया गया है। परिसीमन से ही एससी और एसटी जिसकी संख्या बढ़ती है उसकी सीटें बढ़ने का भी प्रावधान है। एक प्रकार से जो परिसीमन का विरोध कर रहे हैं वह एससी और एसटी सीटों की बढ़ोतरी का भी विरोध कर रहे हैं।

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