गंगटोक : सिक्किम में क्लाइमेट-रेस्पांसिव शहरी विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत यूडीडी, सिक्किम सरकार और जलवायु, सततता एवं प्रौद्योगिकी आधारित समाधान पर कार्यरत अग्रणी सार्वजनिक नीति संस्थान सीएसटीईपी के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
इस एमओयू पर शहरी विकास विभाग के आयुक्त सह सचिव जितेंद्र सिंह राजे और सीएसटीईपी के कार्यकारी निदेशक डॉ जय असुंदी ने अपने-अपने संस्थानों की ओर से हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर यूडीडी के मुख्य नगर नियोजक दिनकर गुरुंग, सहायक नगर नियोजक वसुंधरा कार्की तथा सीएसटीईपी के डॉ इंदु के मूर्ति, डॉ मनीष कुमार, डॉ आशुतोष पति और महेश कलशेट्टी उपस्थित रहे।
इस समझौते का उद्देश्य सिक्किम में जलवायु-स्मार्ट शहरी नियोजन और जोखिम-आधारित विकास को बढ़ावा देने के लिए एक सहयोगात्मक ढांचा तैयार करना है, जिसमें विशेष रूप से पहाड़ी शहरों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इस साझेदारी के तहत नामची-जोरथांग क्षेत्र में बाढ़, गर्मी, गोल्फ और भूस्खलन जैसे बहु-जोखिमों का उच्च-स्तरीय आकलन किया जाएगा। सीएसटीईपी का एडाप्टेशन एंड रिस्क एनालिसिस समूह इस परियोजना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
यह समूह जोखिम आकलन, अनुकूलन योजना और कार्यान्वयन की निगरानी के माध्यम से जलवायु-लचीले विकास को समर्थन प्रदान करेगा। साक्ष्य-आधारित और डेटा आधारित दृष्टिकोण अपनाते हुए यह पहल पहाड़ी क्षेत्रों को जलवायु संबंधी जोखिमों से सुरक्षित रखने की रणनीतियां विकसित करेगी। इसके अलावा, इस साझेदारी के तहत ब्लू-ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर और पारिस्थितिकी आधारित जलवायु अनुकूलन रणनीतियों के सह-डिजाइन पर भी कार्य किया जाएगा।
साथ ही एक डीएसएस और डैशबोर्ड विकसित किया जाएगा, जो लागत-लाभ विश्लेषण के साथ एकीकृत शहरी नियोजन और प्रशासन में सहायता करेगा। राज्य सरकार एवं यूएलबी के अधिकारियों का प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण भी इस पहल का प्रमुख हिस्सा होगा। यह समझौता अमरुत 2.0 के तहत नामची नियोजन क्षेत्र के लिए तैयार किए जा रहे जीआईएस आधारित मास्टर प्लान के अनुरूप है और राष्ट्रीय फीकल स्लज एवं सेप्टेज प्रबंधन गठबंधन के अंतर्गत विभाग की गतिविधियों को भी सुदृढ़ करेगा।
यह एमओयू गैर-वित्तीय और गैर-बाध्यकारी प्रकृति का है, जिसकी अवधि तीन वर्ष निर्धारित की गई है। इससे विभाग की तकनीकी क्षमता, जलवायु जोखिम मानचित्रण, डिजिटल नियोजन उपकरणों और संस्थागत तैयारी को मजबूती मिलने की उम्मीद है। यह पहल राज्य के दीर्घकालिक दृष्टिकोण सुनौलो और समृद्ध सिक्किम के लिए रणनीतिक शहरी दृष्टि दस्तावेज : एसके-यूडी-2047 के अनुरूप है, जो जलवायु-संवेदनशील, लचीले और सतत शहरी विकास पर बल देता है। इस एमओयू पर हस्ताक्षर सिक्किम के जलवायु-लचीले शहरों के निर्माण और नवाचार आधारित साझेदारी के माध्यम से शहरी नियोजन प्रणाली को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।
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